केराकत, जौनपुर। केराकत तहसील के अंतर्गत ऐसे भी लेखपाल हैं जो भ्रष्टाचार में लिप्त होकर शासन की मंशा परन पानी फेरने का कार्य कर रहे हैं। जबकि पुर्व में निलंबित रहें हैं। जबकि इनको भ्रष्टाचार करने में कोई डर नहीं ऐसे में केराकत तहसील क्षेत्र मूकी गांव का सनसनी खे द मामला प्रकाश में आया जिसमें गांव के वर्तमान प्रधान के परिवार को ही सारे नियम कानून को ताक पर रखकर क्षेत्र के लेखपाल सतीश चंद्र ने सरकारी भूमि का आवंटन कर पक्की चारदीवारी बनवा दी जांच उपरांत लेखपाल के गलत कार्य को देखते हुए केराकत उप जिला अधिकारी माज अख्तर ने निलंबित कर दिया

प्राप्त जानकारी के अनुसार सतीश लेखपाल भ्रष्टाचार में इतना लिप्त है कि इसके खिलाफ कई मुकदमे न्यायालय में चल रहे और इसके गलत रवैया से 2001 में भी निलंबित किया गया था प्राप्त जानकारी के अनुसार कुसरना गांव के ग्राम सभा के प्रकरण में इनके खिलाफ जिलाधिकारी के यहां मुकदमा भी चल रहा है कुछ ही दिन में अकूत संपत्तियों के आय से अधिक मालिक बन बैठे सतीश लेखपाल इतना भ्रष्टाचारी था कि न्यायालय के आदेश को भी नहीं मानता माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को ताक पर रखकर विवाद को काफी बढ़ा देता था ऐसे आकंठ भ्रष्टाचार मे लिफ्ट लेखपाल के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच करा कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि सरकार द्वारा चलाए गए अभियान या नियम के खिलाफ गरीबों को न्याय मिल सके
जौनपुर से सुरेन्द्र विश्वकर्मा