बेतिया। केन्द्र की मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों की वजह से किसानों को 500 से 800 रु. प्रति बोरा यूरिया खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पहले से घाटे की खेती और महंगी हो जा रही है। जुलाई में 11780 मैट्रीक टन भूटिया के बदले 3300 एमटी भूटिया ही प० चम्पारण को दिया है। वहीं वर्षों से एक ही जिले में जमें जिला कृषि पदाधिकारी यूरिया के बड़े स्टॉकिस्टों से मिल यूरिया की कालाबाजारी को बढ़ावा दिया है। इस वजह से यूरिया और महंगा हो रहा है। यूरिया की काला बाजारी पर लगाम के लिए जिला व प्रखण्ड कृषि पदाधिकारीयों को जबाबदेह नही ठहराया जायेगा तब तक इस पर रोक नही लगेगी। उक्त बाते अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यूरिया के लिए हाहाकार मचा हुआ है। कम बारिस के बावजूद यूरिया का कालाबाजारी कृषि पदा., स्टॉकिस्टो व दुकानदारों के मेल का नतीजा है। इसपर रोक लगा किसानो को उचित मूल्य पर यूरिया उपलब्ध कराया जाय।
संवाददाता -राजेन्द्र कुमार बेतिया