रिपोर्ट, वरुण सिंह 

 

आजमगढ़ । फूलपुर पवई से बाहुबली विधायक रमाकांत यादव की मुश्किले बढ़ गई है, पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि, माहुल जहरीली शराब हत्याकांड का मास्टरमाइंड सपा विधायक रमाकांत यादव है, अब पुलिस विधायक रमाकांत यादव को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी उम्मीद जताई जा रही है कि विधायक रमाकांत यादव अब लंबे समय तक जेल में बंद रहेंगे, बता दें कि कुछ महीने पूर्व विधायक के भांजे मंगेश यादव के देशी शराब के ठेका से शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें आरोपी मंगेश यादव को पुलिस आजमगढ़ गोरठ स्थिति विधायक रमाकांत यादव के आवास से गिरफ्तार की थी, तभी से पुलिस जांच कर रही थी इस समय विधायक जेल में बंद हैं ऐसे में जहरीली शराब में नाम आने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है बता दें कि शुक्रवार को न्यायालय ने दो मामलों में उनकी जमानत मंजूर कर ली, तो वहीं एक मामले में जमानत अर्जी को न्यायाधीश ने खारिज कर दिया, बता दें कि बाहुबली विधायक के ऊपर कुल सात मुकदमे चल रहे हैं, सपा विधायक रमाकांत यादव पर वर्तमान में कुल सात मुकदमे दर्ज हैं, 1998 के लोकसभा चुनाव के बाद अंबारी चौराहे पर रमाकांत व अकबर अहमद डंपी समर्थकों के बीच फायरिंग हुई थी, इस मामले में न्यायालय से एनबीडब्लू जारी हुआ था, जिसमें जमानत के लिए रमाकांत यादव तीन-चार दिन पूर्व कोर्ट में हाजिर हुए थे, कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था, बृहस्पतिवार को रमाकांत यादव के वकील आद्या शंकर मिश्रा ने पुन: जमानत के लिए अर्जी लगायी थी, जिसमें पेशी पर पूर्व सांसद व बाहुबली विधायक रमाकांत यादव अदालत में पेशी पर आए थे, रमाकांत यादव के वकील ने बताया कि वर्तमान में रमाकांत यादव पर कुल सात मुकदमे हैं, जिसमें पवई थाने का घेराव, दीदारगंज थाने का घेराव, फूलपुर तहसील का घेराव, अंबारी चौक पर डंपी समर्थकों संग भिड़त, सरायमीर थाने में एससी/एसटी व चुनाव आयोग द्वारा पवई व तहबरपुर थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे शामिल हैं, उन्होंने कहा कि कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी, जिसमें चुनाव आयोग वाले दोनों मुकदमो में रमाकांत यादव की जमानत मंजूर हो गई है, वहीं शुक्रवार को न्यायालय ने एससी/एसटी के मुकदमें में जमानत खारिज कर दी थी ।