सरायमीर, आज़मगढ़। इमाम हुसैन के बेटे व करबला के 6 माह के शहीद हज़रत अली असगर की शहादत की याद मे सरायमीर कस्बा व ग्रामीण इलाको मे पांचवी मोहर्रम को जुलूस निकाला गया। इस दौरान कस्बा व आस पास की अन्जुमनों ने नौहा व मातम करके खिराजे अकीदत पेश किया इसमे मौलाना ने कर्बला के मसायब बयान किया तो लोगो की आंखो से आंसू छलक पड़े। कस्बा मे पांचवी मोहर्रम का जुलूस चौक स्थित इमामबाड़ा तस्कीने ज़ैनब से मजलिस के बाद शबीह तबर्रूकात के साथ निकला जो देर रात को अज़ाखाना अबुआतालिब पहूँच कर समाप्त हुआ। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सरताज अली बनारस ने कहा कि इमाम हुसैन का मकसद इन्सानियत की रक्षा और लोगो की हिदायत करना था। रसूल ने कहा था कि तुम्हारे बीच अल्लाह की किताब कुरान व दूसरे अहलेबैत को छोड़कर जा रहा हूं जब तक तुम इन दोनो से जुड़े रहोगे कभी गुमराह नहीं हो सकते। इसी क्रम मे क्षेत्र के कोरौली खुर्द मे पांचवी मोहर्रम का जुलूस फैय्याज हुसैन कमेटी के तत्वावधान मे दिन मे 11 बजे इमामबाड़ा अंसर हुसैन मरहूम से मजलिस के बाद शबीह ताबूत, अलम, दुलदुल के साथ निकला जो अपने कदीम रास्ता इमाम चौक व रोड से होता देर शाम सदर इमामबाड़ा पहूँचा जहां पर सभी अन्जुमनों ने नौहा मातम किया। पहली मजलिस को संबोधित करते हुए अकबरपुर से आये मौलाना सैय्यद आसिफ रज़ा ने कहा कि करबला हमारी दर्सगाह है हमे करबला से सबक लेना चाहिए हुसैन ने कर्बला मे सिर्फ दीन को नही बचाया बल्कि पूरी इन्सानियत को बचा लिया। इसकी जीगती जागती मिसाल यह है कि आज हुसैन हर जगह है यज़ीद कल भी मुर्दाबाद था आज भी मुर्दाबाद है। मौलाना कमर अब्बास प्रतापगढ़ ने कर्बला के शहीदों पर होने वाले अत्याचार को जैसे ही पढ़ना शुरू किया। अज़ादारों की आंखो से आंसू छलकने लगे। जुलूस में अन्जुमन इमामिया कोपागंज मऊ, अन्जुमन इमाम ज़माना जौनपुर, अन्जुमन मासूमिया डिघियां, अन्जुमन मोहिब्बाने हुसैन समन्दपुर, अन्जुमन अब्बासिया साहापुर आजमगढ़ ने कर्मवार शहीदाने करबला को खेराज अकीदत पेश किया जुलूस का संचालन नेहाल आज़मी ने किया आखिर मे अन्जुमन गुन्चये अब्बासिया ने आभार प्रकट किया।