रिपोर्ट बृजेश सिंह ,आलापुर, अंबेडकर नगर।

आलापुर तहसील में शुक्रवार को अधिवक्ता और तहसीलदार में कहासुनी हो गई । बताया जाता है कि आंतरिक विवाद पहले से ही चल रहा था,जिसकी भूमिका बीते दिन बड़ी हो गयी। गौरतलब है कि
तहसील आलापुर अपने कार्यप्रणाली से पहले भी चर्चा में रहा है ।

शुक्रवार को नायाब तहसीलदार और तहसीलदार की आपस मे किसी मुद्दे पर बात चीत कर रहे थे, कचहरी के वकील साहब किसी फ़ाइल को तहसीलदार के सामने लेकर पहुँचे, जिसे देखते ही तहसीलदार ने टिप्पड़ी कस दी जो आग की तरह कचहरी में फैल गयी,
अधिवक्ता ने बताया कि तहसीलदार बृजेश वर्मा ने बेरुखी से कहा कि “मैं तहसील आलापुर के दलाल अधिवक्ताओं से परेशान हूँ”

तहसीलदार के इस कथन के बाद कचहरी के अधिवक्ताओं ने तहसीलदार बृजेश वर्मा का घेराव कर दिया,
बार काउंसिल अध्यक्ष ने तत्कालीन मीटिंग बुला कर तहसीलदार के विरोध में निंदा प्रस्ताव जारी कर दिया। 

अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार की कार्यशैली लेट लतीफ है, कई अविवादित मामलों में भी तहसीलदार रुचि नहीं दिखाते ,आलस्य इतना ज्यादा है कि महोदय को दस्तखत करने में भी महीनों लग जाते हैं। 

 

यह बोले तहसीलदार। 

हम आपस मे बातचीत कर रहे थे,हमने किसी मामले में अपने सहयोगी से कहा कि मैं यहाँ के वकीलों और दलालों से परेशान हूँ, मेरी मंशा किसी भी अधिवक्ता महोदय के सम्मान को छति पहुचाने का नहीं है। 

यह बोले बार काउंसिल अध्यक्ष

तहसीलदार द्वारा अधिवक्ता पर की गई अमर्यादित टिप्पड़ी पर कार्रवाई होनी चाहिए, तहसीलदार की कार्यशैली पर भी कई बार सवालिया निशान लगा है,
जब तक आम सभा मे तहसीलदार माफी नहीं मांगेंगे तब तक हम कार्य बहिष्कार करेंगे।