रिपोर्ट, आनंद गौड़ 
(सगड़ी) आजमगढ़। वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल आज़मगढ़ में शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों ने बिभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया, सुबह की प्रार्थना सभा में विद्यालय के प्रबंध, निदेशक शिव गोबिंद सिंह ने देश के पहले उपराष्ट्रपति एवम् दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को पुषर्पित कर कार्यक्रम का आगाज़ किया। तत्पश्चात् विद्यालाय के सिनियर एवम् जूनियर विंग्स के बच्चों ने शिक्षक की भूमिका बखूबी निभाई।इसमें तनिषा वर्मा, अभिजीत शर्मा, वैभव वर्मा, रुचि, अंकिता वर्मा, मनशिका सिंह, युवराज सिंह, प्रतीक राय, दिव्यांशी राय, अनुज सिंह, मानस मौर्य, हसन अब्दुल्लाह, आदित्य गुप्ता, अनन्या यादव, जैनब फातिमा  आदि बच्चों ने अपने को शिक्षक की भूमिका खुद को गौरवान्वित महसूस किए। शिक्षक दिवस पर बच्चो ने शिक्षक शिक्षिकाओँ के लिए बहुत ही सुंदर और नायाब किस्म के खेल को आयोजन किया जिसमे साड़ी फोल्डिंग, गो एस यू लाईक और पास द बैलून्स जैसे खेलो का आयोजन कर अपने सम्मान को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम को सफ़ल बनाने में शिक्षक एवम् शिक्षिकाओँ के साथ सिनियर विंग्स के बच्चों ने अपने अपना अमूल्य सहयोग दिया। शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान व उपहार वितरण कार्यक्रम में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता इंजीनियर ए एन सिंह ने कहा कि समाज में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है । गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है, और प्रत्येक गुरु की भूमिका एक पथ प्रदर्शक की होती है । उन्होंने शिक्षक को राष्ट्र निर्माता बताया । श्री सिंह ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए कहा कि गुरु का स्थान सर्वोपरि है, क्योंकि आध्यात्मिक काल से ही गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरा गुरुर साक्षात परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः की परंपरा हमारे देश में कायम रही है । शिक्षकों को सम्मान देने की सोच ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया और तभी से शिक्षकों के सम्मान के प्रति 5 सितंबर को यह दिवस मनाया जाता है । इस सम्मान को बरकरार रखने के लिए शिक्षकों को भी अपने शिष्यों के प्रति सकारात्मक भूमिका निभानी होगी तभी समाज को सही दिशा मिल सकेगी। वेदांता इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने शिक्षक को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी, और कहा कि एक बेहतर शिक्षक वही है जो बच्चों को सही दिशा दे सके। उन्होंने मां को सबसे पहला शिक्षक बताया क्योंकि इस धरती पर आने के बाद जीवन की प्राथमिक शिक्षा वहीं से शुरू होती है। फिर जब शिक्षा के मंदिर में जाते हैं तो वहां शिक्षक उन्हें नई दिशा देता है। शिक्षक का स्थान समाज में सबसे ऊंचा है । विद्यालय प्रबंध तंत्र के संरक्षक अरविंद सिंह ने कहा कि अच्छा शिक्षक वही है जो जहां भी रहे अपने ज्ञान का प्रकाश सदैव फैलाता रहे तभी, एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकता है । विद्यालय प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि जो प्रत्येक व्यक्ति को सही रास्ते पर चलने के बारे में बताता है वहीं शिक्षक है । गुरु का स्थान देवताओं से भी ऊपर है ऐसा ग्रंथों में कहा गया है ।विद्यालय के प्रधानाचार्य आर एस  शर्मा ने जिस व्यक्तित्व के जन्मदिन पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है  ,डॉक्टर  सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला और सभी शिक्षकों को उनके बताए गए रास्ते पर चलने को कहा । विद्यालय के शिक्षकों ने भी अपने जीवन में शिक्षा के प्रति अपने अनुभव को उपस्थित शिक्षकों के बीच साझा किया और विद्यालय प्रबंध तंत्र को बेहतर शिक्षा देने का भरोसा दिलाया । शिक्षकों ने कहा कि आज समाज में प्रत्येक शिक्षक का सम्मान इसीलिए है कि उनकी भूमिका राष्ट्र के निर्माण में सर्वोपरि है । इसलिए सभी शिक्षकों को अपने इस भरोसे को कायम रखना होगा । समारोह के दौरान पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता ए एन सिंह ने विद्यालय के 2 दर्जन से अधिक शिक्षकों को उपहार देकर सम्मानित किया ।इस मौके पर विद्यालय प्रबंध निदेशक शिव गोविंद सिंह ने मुख्य अतिथि मुख्य अभियंता ए एन सिंह व श्रमिक नेता प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । सभा का संचालन प्रसिद्ध कवि पत्रकार संजय पांडे ने किया । इस मौके पर साहित्यकार व कवि प्रभु नारायण पांडे प्रेमी ने सभी शिक्षकों को अपना आशीर्वचन दिया । इस समारोह में विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं के अलावा ज्ञानेंद्र सिंह, समाजसेवी भाजपा नेता विजेंद्र पांडेय सहित अनेक लोग मौजूद रहे।