रिपोर्ट, वरूण सिंह 
आजमगढ़। घर से दवा लेने निकली तीन चचेरी बहने अंशिका, अनामिका, कविता के लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्वजन दो दिनों तक खुद से ढूंढ़ते रहे, लेकिन बेटियों का सुराग न लगने से परेशान हुए तो शनिवार की शाम पुलिस की शरण ली। पुलिस तक बात पहुंची तो अफसरों की नींद उड़ गई। एडीशनल एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ जीयनपुर कोतवाली पहुंच घटनाक्रम की जानकारी करने में जुटे रहे। जीयनपुर के एक गांव की तीन चचेरी बहनें गुरुवार की सुबह दस बजे दवा लेने के लिए मनिकाडीह बाजार गईं थीं। स्वजन के मुताबिक बेटियाें की उम्र 10 से 13 वर्ष की है। उनके लौटने में देर हुई तो परेशानी महसूस हुई। परिवार के लोग खुद के स्तर पर उन्हें ढूंढ़ने निकल पड़े, लेकिन उनका शाम होने तक कोई सुराग नहीं लगा। इस बीच पता चला कि मनिका डीह स्थित जनसेवा केंद्र से बहनों ने तीन सौ रुपये भी निकाले थे। इस सूचना ने परिवार को परेशान करके रख दिया। स्वजन परिचित व रिश्तेदारों के यहां पता करके थक गए तो शनिवार की देर शाम जीयनपुर कोतवाली पहुंचेे। एएसपी सिद्धार्थ ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए पुलिस की टीम गठित की जाएगी, जिससे उन्हें जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।