– ग्राम प्रधान व सचिव को बचाने में लगा प्रशासन
आजमगढ़। जिले के ब्लॉक मुहम्मदपुर क्षेत्र के रानीपुर रजमो में बन रहे अमृत सरोवर पर वर्षों के लगे दर्जनों शीशम के पेड़ को जेसीबी से उखाड़ कर गिराने के बाद रातो रात तक गिराए गए पेड़ों को काटकर हटा दिया गया। यहां तक कि पेड़ों के जड़ व टहनियों तथा उसके पत्ति भी मौके पर से गायब करवा दिया गया। बताते चले कि मुहम्मदपुर विकासखंड अंतर्गत जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत रानीपुर रजमो में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य चल रहा है तीन दिन पूर्व ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा पोखरे के किनारे वर्षों से लगे बड़े-बड़े शीशम के पेड़ो को जेसीबी से उखाड़ दिया गया। इसकी खबर जब दूसरे दिन विभिन्न अखबारों में लगी तो शासन के हाथ पांव फूल गए। ग्राम प्रधान पति मान सिंह व ग्राम पंचायत सचिव चाँदनी शुक्ला द्वारा वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से गिराए गए पेड़ों को मशीन द्वारा टुकड़ो में काटकर ट्रैक्टर ट्राली पर लादकर उठा लिया गया तथा पोखरे में गिराए गए पेड़ों की जड़ों को ट्रैक्टर में रस्सी से बांधकर पोखरे में से निकाल लिया गया। वहीं ग्रामीणो ने दबी जुबान से बताया कि यह कीमती पेड़ अमृत सरोवर की सुंदरता में किसी प्रकार से बाधक नहीं बन रहे थे, इन पेड़ों पर सौकड़ों पशु पक्षियों का बसेरा था। अगल बगल के खेतों में काम करने वाले किसान धूप में वहां इन पेड़ों की छांव में आराम किया करते थे। लेकिन प्रधान व सचिव द्वारा कीमती पेड़ों के लकड़ियों को बेचने के लिए उखाड़ दिया गया जबकि उत्तर प्रदेश सरकार महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए और उस स्थान को पूरी तरह से हरा भरा वातावरण शुद्ध रखने के लिए पौधरोपण का अभियान चला रही है लेकिन रानीपुर रजमो में लगे हुए दर्जन भर से अधिक पेड़ों को उखाड़ कर फेंक दिया गया। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर जहां शासन और प्रशासन अमृत सरोवर पर पौधरोपण करवा रही है ताकि कुछ वर्षों में यह बड़े वृक्ष होकर हरियाली के साथ आक्सीजन व कीमती लकड़ियां दे लेकिन शासन प्रशासन कार्रवाई के बजाय ग्राम प्रधान व सचिव को बचाने में संरक्षण दे रहा है।