सगडी़, आजमगढ़। बुधवार को वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल में हिन्दी दिवस बहुत ही उत्साह से मनाया गया। सर्वप्रथम विद्यालय के प्रबंध निदेशक शिव गोविन्द सिंह ने दीप प्रज्वलन कर माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत किया। ततपश्चात निधात्री सिंह व वैष्णवी सिंह ने माँ सरस्वती की वंदना कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। कार्यक्रम में हिन्दी की शिक्षिका रीना यादव ने हिन्दी के महत्व को बताते हुवे कटाक्ष किया और कहाकि अंग्रेजी का हम पर असर हो गया, हिन्दी का मुश्किल सफ़र हो गया, देशी घी आजकल बटर हो गया। आर एस शर्मा ने कहाकि जब भी हमको अपनत्व बयाँ करना होता है तो हिन्दी माध्यम सर्वोत्तम माध्यम होता है, आगे उन्होंने कहा कि इस आधुनिक युग में लोग हिन्दी बोलना अपमान समझते हैं। उन्होंने कहा कि आप चाहें जो भाषा बोलिये, सीखिये लेकिन अपनी मातृभाषा हिन्दी जो राष्ट्र का गौरव हैं उसको सम्मान दीजिये। विद्यालय के प्रबंध निदेशक शिव गोविन्द सिंह ने कहा कि पूरे विश्व में 7100 भाषाये बोली जाती है जिसमें हिन्दी को तीसरा स्थान प्राप्त है जो हमारे लिये गौरव की बात है। हिन्दी को भारतवर्ष की बिन्दी भी कहा जाता हैं।
हिन्दी दिवस के अवसर पर बिभिन्न कवियों, साहित्यकारों, लेखकों और विचारकों के जीवन से और उनकी रचनाओं से सम्बंधित भाषण, गीत, बहस और प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान ग्रीन हॉउस, द्वितीय स्थान ब्लू हॉउस व तृतीय स्थान रेड हॉउस को प्राप्त हुआ।
बच्चों ने एक नाटक के माध्यम से भारत माता के सभी बच्चों को प्रिय बताया जिसमें गुजराती, मराठी, कन्नड़, उड़िया, तमिल, पंजाबी, बंगाली सहित सभी बच्चे शामिल थे जिसको भारत माता प्यार करती हैं लेकिन भारत माता अपने सबसे प्रिय बच्चे को खोज रही थी, बच्चों ने पूछा माता किसको ख़ोज रही है तो भारत माता ने कहाकि वही जो सबसे प्यारी हैं, जो हमारी शान है, जो हमारी पहचान है, जो हम सबकी जान हैं हम अपने उस हिन्दी के बच्चे को ख़ोज रहे है और वह हिन्दी आती हैं जिसके समेत सभी बच्चों को भारत माता अपने गोंद में समाकर फूले नही समाती है।
कार्यक्रम का बहुत ही बेहतरीन संचालन मनशिका द्वारा किया गया। इस अवसर पर हिन्दी विभाग के साथ ही सभी बच्चे व शिक्षकगण सम्मिलित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रबंध निदेशक ने कार्यक्रम की सराहना किया और सभी की धन्यवाद दिया।