सरायमीर, आजमगढ़। पिछले 24 घंटों में रुक-रुक हो रही भारी बरसात के कारण सरायमीर थाना परिसर एवं रेलवे स्टेशन के रास्तों में पानी भर जाने से नगर पंचायत के जल निकासी की पोल खोल कर रख दिया है। विदित है की रेलवे प्रशासन द्वारा नगर पंचायत को बार-बार यह हिदायत देती दी जाती रही है की नगर पंचायत क्षेत्र अपने जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें किंतु ना ही नगर पंचायत में अब तक इस पर कोई संज्ञान लिया गया और ना ही उत्तर प्रदेश की सरकार ने जिस कारण स्थिति भयावह हो गई है। स्थिति यहां तक विकट हो गई है कि पुलिसकर्मियों को थाना परिसर में अपने क्वार्टरों तक पहुंचने के लिए जूता मोजा उतार कर जाना पड़ता है। यह समस्या विगत कई वर्षों से लगातार बनी हुई है लेकिन ना तो स्थानीय प्रशासन ना ही जिला प्रशासन और ना ही प्रांतीय सरकार इसकी ओर ध्यान दे पा रही है। जिस कारण से नागरिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। रेल मार्ग द्वारा यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपने गंतव्य पर जाने के लिए घंटों पहले अपने घरों से निकलना पड़ता है और गंदे पानी के भीतर से गुजर करके ही रेलवे स्टेशन पर पहुंच सकते हैं जबकि विगत 10 वर्ष पूर्व नगर पंचायत के तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा एक कच्चा नाला थाना परिसर के उत्तर और से खुद वाया गया था जिसके माध्यम से पानी निकल जाता था किंतु थाना परिसर से लगायत ही रेलवे भूखंड का प्रारंभ हो जाता है रेलवे रेलवे प्रशासन द्वारा अपनी भूमि पर किसी भी प्रकार नाली या नाला के निर्माण कराए जाने पर प्रतिबंध है जो कच्चा नाला पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ओबैदुर्रहमान द्वारा खुद वाया गया था वह लगातार 10 वर्षों में पटकर समाप्त हो चुका है। रेलवे स्टेशन के पूर्व दिशा में जहां से पानी निकलकर साइफन द्वारा नदी में जाया करता था उस स्थान को रेलवे द्वारा खुदवा दिया गया जिस कारण से भी वह मार्ग अवरुद्ध हो गया है। स्थानीय नगर पंचायत के पानी निकासी का एकमात्र वही रास्ता बचता है उस का प्रमुख कारण है की स्थानीय कस्बे में पानी का ढालान जो है वह पूर्व दिशा की ओर है नगर पंचायत द्वारा रोड पर दोनों साइड में नाले का निर्माण हुआ था किंतु उत्तर दिशा कानाला लोगों द्वारा अतिक्रमण किए जाने से बंद कर दिया गया है। इस समस्या पर बार-बार स्थानीय प्रशासन से लेकर के जिला प्रशासन एवं शासन तक का ध्यान आकृष्ट कराया गया किंतु आज तक इस पर कोई सुध नहीं ली गई जिस कारण से नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।