वाराणसी। वाराणसी मंडल की मंडलीय टीम एवं संरक्षा विभाग द्वारा एनडीआरएफ के साथ शुक्रवार को 11 बजे बनारस कोचिंग डिपो यार्ड में फुल स्केल मॉकड्रील का संयुक्त अभ्यास किया गया। इस फुल स्केल माँकड्रील में मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) ज्ञानेश त्रिपाठी, कमान्डेंट रेलवे सुरक्षा बल डॉक्टर अभिषेक, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी आशुतोष शुक्ला, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरेज एण्ड वैगन) सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर रजत प्रिय, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर अनुज वर्मा, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (सामान्य) एके सक्सेना, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) पंकज केशरवानी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (कर्षण) आरएन सिंह, एवं मंडल चिकित्सालय के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों में डा कल्पना दूबे, डा एके सिंह, डा एसके बरनवाल अधीक्षक महेंद्र सिंह नबियाल, मंडल कार्मिक अधिकारी श्री विवेक मिश्रा, सहायक वाणिज्य प्रबंधक एके सुमन, कोचिंग डिपो अधिकारी/बनारस विनीत सिंह समेत एनडीआरएफ की 11 वीं बटालियन के द्वितीय कमांड अधिकारी सर अमित कुमार सिंह,डिप्टी कमाण्डेन्ट अभिषेक कुमार राय, प्रेम कुमार पासवान एवं अनिल कुमार पाल 11वीं बटालियन एवं संरक्षा विभाग अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राहत और बचाव कार्य में अपना अहम योगदान दिया।
आज नियंत्रण कक्ष से 10.52 बजे सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 23902 अप (मेला स्पेशल) का पांचवा कोच बनारस दृ वाराणसी जं रेल खण्ड के मध्य कोचिंग डिपो के वाशिंग पिट के पास चार चक्के से डिरेल हो गयी है तथा कोच में आग लग गयी है, जिसमें 06 यात्रियों के गम्भीर रूप से घायल होने की सूचना प्रसारित की गई। घटना की सूचना मिलते ही एआरटी, एआरएमई तथा सम्बन्धित अधिकारी एवं पर्यवेक्षक घटना स्थल पर पहुँच गये। इसके साथ ही एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, जिला प्रशासन, लोकल पुलिस भी घटना स्थल पर आये। भारतीय रेल के दुर्घटना मैनुअल के गाईडलाइन्स के अनुसार सभी ने अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन किया तथा यह माक ड्रिल पूर्णरूप से सफल रहा।
इसी क्रम में क्रमशः दुर्घटना की प्लाटिंग की गई, प्राथमिक सूचना का प्रसारण एवं सायरन बजाकर जनसंचार किया गया, मेन लाइन ब्लॉक होने के कारण गाडियों के मार्ग परिवर्तन एवं शार्ट टर्मिनेशन/ओरिजनेशन की सूचना दी गयी, हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया, घटना स्थल पर अग्निशामक बल, दुर्घटना राहत यान एवं चिकित्सा राहत यान का तत्काल पहुंचना, सभी तकनीकियों का प्रयोग कर आग बुझाना, साईट पर अस्थाई नियन्त्रण केंद्र स्थापित करना, यात्रियों के परिजनों को सही जानकारी हेतु इमरजेंसी नम्बर जारी करना, प्रोटोकाल के अनुसार कर्मचारियों एवं अधिकारीयों द्वारा दुर्घटना साईट पर पहुँच कर अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन, दुर्घटना प्रभावों न्यूनतम करने हेतु त्वरित कार्य करना, टावर लाइट्स का लगाया जाना, प्रकाश हेतु जनरेटर एवं पीने के पानी की व्यवस्था करना यात्रियों को संरक्षित ढंग से निकाला जाना, संरक्षा सम्बन्धी अन्य कार्य आपातकालीन खिड़कियाँ खोलना/कटर एवं वेल्डिंग मशीन का प्रयोग कर फंसे यात्रियों को निकालना, प्राथमिक उपचार देना, घायलों का ट्रॉमा प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों में प्रबंधन, क्रेन एवं आपदा निवारण टूल्स के प्रयोग से ट्रैक क्लियरेंस, कोच रिस्टोरेशन एवं सामान्य वर्किंग बहाल करने के उपरांत दुर्घटना के कारणों की समीक्षा की गई ।
मॉकड्रील के समापन और समीक्षा के बाद मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने बताया की आज माक ड्रील में 06 घायल यात्रियों के राहत एवं बचाव कार्य में एक कर्मचारी भी घायल हो गया है जिसमें गंभीर रूप से घायल 03 यात्रियों को अस्पताल भेजा गया तथा 03 सामान्य घायलों को प्राथमिक उपचार देकर छोड़ दिया गया। उन्होंने रेलवे एवं एनडीआरएफ टीम के राहत और बचाव कार्यों की सराहना करते हुए कहा आप सभी की कार्य प्रणाली रेल सेवा के प्रति सतर्कता एवं जागरुकता को प्रदर्शित करता है। मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप सब भविष्य में और भी सतर्कता के साथ दुर्घटना सम्बन्धी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगें।