रिपोर्ट, वरूण सिंह

आजमगढ़ के बिलरियागंज थाने में 12 नामजद व 1 अज्ञात व बलिया जनपद के फेफना थाने में बेलाल सहित 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है

विस्तार

Upnews आजमगढ़ जनपद में शेयर ब्रोकर/मर्चेंट का फर्जी फर्म बनाकर 500 करोड़ से ज्यादा लोगों की गाढ़ी कमाई लेकर बेलाल व उसके रिस्तेदार फरार हो गए हैं । इस मामले में बिलरियागंज थाने में छिछोरी गांव के मोहम्मद शरीफ पुत्र हम्माद ने लाखों रुपए के धोखाधड़ी का बेलाल उसकी पत्नी, भाई, बहन, बहनोई, पिता, ससुर व रिस्तेदारो सहित 12 लोगों को नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया है, इसके अलावा बलिया जनपद के फेफना थाने में एक दरोगा की तहरीर पर बेलाल सहित पांच लोगों के खिलाफ रुपया हड़पने का मुकदमा पंजीकृत हुआ है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने शनिवार की शाम को आरोपी बेलाल के घर पर दबिश दी, लेकिन आरोपी फरार हो चुके थे, मुकदमा दर्ज होते ही ठगी के शिकार लोगों ने छीहीं बाजार में सरगना बेलाल के छोटे भाई को बंधक बना लिया, लेकिन कुछ लोगों के समझाने के बाद पिड़ितों ने बेलाल के भाई को छोड़ दिया। वहीं बिलरियागंज पुलिस बेलाल के घर गई, लेकिन बेलाल सहित कोई आरोपी नहीं मिले, ठगी का शिकार हुए लोगों के मुताबिक छीहीं गांव सहित लगभग एक दर्जन से ऊपर मुस्लिम गांव के लोगों ने बेलाल व उसके रिस्तेदारो के बहकावे में आकर इस फर्जी शेयर मार्केट में अपना करोड़ों रुपया लगाया है । ठगी के शिकार हुए लोगों की बात माने तो 500 करोड़ से ज्यादा रूपया लोगों ने बेलाल को दिया है, यह रूपया पीड़ित अपनी जमीन बेचने के अलावा, लोन लेकर दिया है, वहीं अपने रिस्तेदारो का भी रूपए बेलाल को दिला चुके हैं,

पिता भी बैंक में लाखों रुपए कर चुका गबन 

आरोपी बेलाल के पिता सिब्गतुल्लाह उर्फ सरदार आजमगढ़ जनपद के चांदपट्टी बाजार स्थित यूनियन बैंक में कैशियर के पद पर कार्य करते थे, उस दौरान उन्होंने बैंक के कैश में काफी हेरा फेरी किया था, इस बात की जानकारी जब यूनियन बैंक के अधिकारियों को हुई तो बैंक अधिकारियों ने आरोपी बेलाल के पिता सिब्गतुल्लाह उर्फ सरदार पर बैंक के रुपए गबन के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराते हुए सस्पेंड कर दिया था, गांव वालों का कहना है कि बेलाल के पिता का कारनामा तो सभी लोग जानते थे, लेकिन यह नहीं पता था कि उसका बेटा भी अपने पिता के ही पद चिन्हों पर चलते हुए इतना बड़ा घोटाला करेगा ।

चार साल पहले शुरू किया था फर्जी शेयर मार्केट का धंधा, शुरुआत में शब्जी, ढ़ेले वालों का करता था रुपया दूना

आजमगढ़ जनपद के छींही गांव निवासी बेलाल चंद दिनों में लोगों में अपना विश्वास नहीं जमाया था, बल्कि बेलाल ने लगभग 4 साल पहले छींही बाजार के ठेले, सब्जी वाले, परचून की दुकान और छोटे-छोटे कारोबारियों को अपने झांसी में लेते छोटी छोटी रकम को दोगुना करने का कार्य करने लगा, इस बात की चर्चा धीरे गांव से लेकर शहर तक फैल गई, और लोग बेलाल पर विश्वास करते हुए अपनी गाढ़ी कमाई का रुपया दोगुना करने के लिए देते चले गए । बेलाल लगभग 2 से 3 साल तक लोगों से रुपया लेता, और 11 माह में दोगुना रुपया दे देता था, इसके बाद बेलाल पर लोगों का इतना विश्वास बढ़ गया कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई बेलाल को देते चले गए, यही नहीं बेलाल को, अपने दोस्तों, रिश्तेदारों का भी काफी रुपया दोगुना करने के लिए दे दिया, पीड़ितों का कहना है कि जब यह रकम अरबों में पहुंच गई, तो बेलाल एक दिन अपने साथियों के साथ गांव छोड़कर रफूचक्कर हो गया ।

बेलाल चलने के लिए लग्जरी गाड़ियों का करता था इस्तेमाल 

छींही गांव के लोग बताते हैं कि बेलाल बचपन से ही संकुचित विचार का था, लोगों से कम ही बातचीत करता था, शुरुआत के दिनों में बेलाल पहले साइकिल या मोटरसाइकिल से चलता था, लेकिन लोग बताते हैं कि इधर दो-तीन साल से बेलाल लग्जरी गाड़ियों से चलने लगा था ।

छींही गांव के दीन मुहम्मद शेख की हार्ट अटैक से हुई मौत

छींही गांव के दीन मोहम्मद शेख की गुरुवार को हार्ट अटैक होने से मौत हो गई, परिवार के मुताबिक दीन मोहम्मद शेख ने बेलाल को कर्ज लेकर 3 लाख रुपए  दूना करने के लिए दिया था, दीन मोहम्मद को जब इस बात की जानकारी हुई कि बेलाल उसके व अन्य लोगों का रुपया लेकर फरार हो गया है, तो सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई । 

बेलाल को छींही गांव निवासी सज्जू ने दिया 4 करोड़

बेलाल को उन्हीं के गांव छींही के सज्जू ने अपना और अपने रिश्तेदारों का कुल मिलाकर 4 करोड़ रूपए दोगुना करने के लिए दिया है, जब से बेलाल लोगों का रुपया लेकर फरार हुआ है, तभी से सज्जू के रिश्तेदार सज्जू के घर पर रुपया मांगने के लिए आ रहे हैं, लेकिन मजबूर सज्जू शिवाय बेलाल को कोसने के अलावा कुछ भी करने में अपने को असमर्थ महसूस कर रहे हैं । जानकारी के मुताबिक सज्जू व दीन मोहम्मद तो एक बानगी हैं, ऐसे सैकड़ों लोगों ने अपने रिश्तेदारों के साथ ही साथ बैंक से लोन लेकर के बेलाल को रुपया दिया है ।