– पल्स पोलियो और पूर्ण टीकाकरण के रिव्यू मीटिंग में दिया निर्देश
– 19 सितंबर से जिले में पल्स पोलियो अभियान की होगी शुरुआत
वैशाली। जिलाधिकारी यशपाल मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में पल्स पोलियो और पूर्ण टीकाकरण पर रिव्यू मीटिंग आयोजित की गयी। इस रिव्यू मीटिंग में जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने 19 सितंबर से शुरु होने वाले पल्स पोलियो अभियान सहित पूर्ण टीकाकरण पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इसके पहले चले पल्स पोलियो अभियान की रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए कहा कि सोमवार से शुरु होने वाले पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान को बेहतर बनाया जाए। सिविल सर्जन से उन्होंने वैक्सीनेटर को बेहतर कार्य करने की सलाह दी। वहीं पिछले पल्स पोलियो अभियान में लक्ष्य से दूर रहे जंदाहा और राघोपुर सहित सभी एमओआईसी को इस बार शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के साथ प्रखंड की आशा और एएनएम को पल्स पोलियो पर प्रशिक्षित किए जाने का भी निर्देश दिया।
पांच लाख 70 हजार बच्चों को दो बूंद का लक्ष्य
रिव्यू मीटिंग के दौरान डब्ल्यूएचओ की एसएमओ श्वेता ने जिलाधिकारी को बताया कि जिले में कुल पांच लाख 70 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक देनी है।इसके लिए 1293 टीम काम करेगी तथा 453 सुपरवाइजर इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। ट्रांजिट वाली जगहों पर पोलियो की खुराक के लिए भी 197 ट्रांजिट टीम की व्यवस्था की गयी है। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को आदेश दिया कि वे पल्स पोलियो अभियान के प्रत्येक दिन शाम को उन्हें प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
शहर में नेहरु युवा केंद्र के वॉलिटिंयर करंगे सहयोग
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में पोलियो के कार्य के लिए नेहरु युवा केंद्र, स्काउट एंड गाइड तथा सीडीपीओ अपना सहयोग देंगें।
पूर्ण टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ाएं
रिव्यू मीटिंग के दौरान जिलाधिकारी ने जिला प्रतिरक्षण को जिले में पूर्ण टीकाकरण के प्रतिशत में वृद्धि के लिए विशेष कार्य योजना के साथ काम करने कहा। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने जिलाधिकारी को बताया कि अभी जिले में पूर्ण टीकाकरण का प्रतिशत 91 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि पूर्ण टीकाकरण को 95 प्रतिशत से ऊपर ले जाएं। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि प्रत्येक ब्लॉक से निरंतर पूर्ण टीकाकरण की स्थिति की रिपोर्ट मांगी जाय तथा उससे उन्हें अवगत कराया जाय। पूर्ण टीकाकरण तथा पल्स पोलियो अभियान के कार्य में सहयोग नहीं देने वालों के बारे में भी अवगत कराया जाए, ताकि उचित विभागीय कार्रवाई की जा सके। मौके पर सिविल सर्जन डॉ एके शाही, डीपीएम मणि भूषण झा, डीआइओ डॉ उदय नारायण सिन्हा, डीएस डॉ एसके वर्मा, डब्ल्यूएचओ की श्वेता कुमारी, सभी एमओआईसी, सीडीपीओ, यूनिसेफ की मधुमिता, केयर डीटीएल सुमित कुमार सहित अन्य कर्मचारी और अधिकारी मौजूद थे।