मुबारकपुर, आजमगढ़। जगत शिल्प भगवान श्री विश्वकर्मा जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मनाई गई। श्री विश्वकर्मा मंदिर सरफुद्दीनपुर से एक शौभायात्रा निकाली गई तदुपरान मंदिर परिसर मे सायं काल सम्मान समारोह एवं भंडारे का आयोजन मंदिर सभा की तरफ से किया गया। जिसमें जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज व विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र विश्वकर्मा चेयरमैन बिलरियागंज, पूर्व प्रत्याशी अखिलेश कुमार मिश्रा गुड्डू को सभा के संरक्षक, अध्यक्ष, महामंत्री द्वारा भगवान विश्वकर्मा के चित्र व साल देकर सम्मानित किया कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री विश्वकर्मा के मूर्ति पर माल्यार्पण करने के उपरांत प्रारंभ किया गया लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधकारी श्री भारद्वाज ने कहा कि शिल्प जगत का हर व्यक्ति किसी भी यंत्र से जुड़ा हुआ अपने कर्मों के बल पर आगे बढ़ता है और भगवान विश्वकर्मा को याद करता है मैं आशा करता हूं कि भगवान विश्वकर्मा की असीम अनुकंपा हम सभी लोगों पर बनी रहे। इससे पहले महामंत्री डा. विनोद शर्मा ने मुख्य अतिथि को प्रतिवेदन में कहा कि यह मन्दिर ब्रिटिश हुकूमत में 1908 से प्रारंभ होकर 1914 मे बन कर तैयार हुआ और हमारे समाज कि चौधरी प्रथा ऐही से प्रारंभ होकर समाज में 22 चटाईयों का विस्तार हुआ और चौधरी ही हमारे समाज के न्यायाधीश होते थे उन्हींका निर्माण सभी लोगों को मानना होता था। इसी प्रथा ने बसुला पिछे चार आना, आठाना लगाकर मंदिर सहित कोठरियों का निर्माण हुआ। जिलाधिकारी ने सभी लोगों के जीवन के मंगलकामनाओं के साथ आयोजक मंडल का आभार व्यक्त किया। इस सभा का संचालन मंडलीय महामंत्री विनोद शर्मा ने किया। इस अवसर पर रामधन विश्वकर्मा, श्यामा प्रसाद विश्वकर्मा, डॉ जेआर, मोनू विश्वकर्मा, नंदकिशोर विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, रमेश विश्वकर्मा, हरिरम मास्टर, अंबुज विश्वकर्मा, अनिल विश्वकर्मा, विनोद बीडीसी, जगदीश विश्वकर्मा, रामप्रकश आदि लोग उपस्थित थे।