रिपोर्ट, वरूण सिंह 

शेयर ब्रोकर/मर्चेंट का फर्जी फर्म बनाकर 500 करोड़ से ज्यादा लेकर भागने वाले बेलाल व उसके सहयोगियों के ऊपर छिछोरी गांव के मोहम्मद शरीफ पुत्र हम्माद ने बेलाल उसकी पत्नी, भाई, बहन, बहनोई, पिता, ससुर व रिस्तेदारो सहित 12 लोगों को नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था, वहीं सोमवार को 3 से ज्यादा लोगों ने ब्लेजर थाने में तहरीर देकर लाखों रुपया लेकर भागने का आरोप लगाया है ।

खबर विस्तार से
आजमगढ़ में शेयर ब्रोकर/मर्चेंट का फर्जी फर्म बनाकर दो गुना रुपया देने के नाम पर हजारों लोगों का 500 करोड़ से ज्यादा रुपया लेकर भागने वाले बेलाल व उसके रिश्तेदारों पर मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस आरोपी बेलाल के साथ ही साथ अन्य आरोपियों के घरों पर गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी करना शुरू कर दी है, सोमवार को छींही गांव निवासी बेलाल के घर पर पुलिस ने दबिश दी और आरोपी बिलाल के भाई जो इस मामले में आरोपी सुजातुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया, इसके अलावा जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी अली मुज्जफर के घर पर पुलिस ने दबिश दी, दबिश के दौरान अली मुजफ्फर तो भाग निकला, पुलिस ने अली मुज्जफर के परिवार कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है, इसके अलावा बेलाल की ससुराल कोकिलपार में छापेमारी कर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है,
बेलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए इन लोगों ने दी तहरीर
बदरुद्दीन अहमद पुत्र मोहम्मद यासीन ने 46 लाख से ऊपर एरार अहमद पुत्र नवी सरवर ने 40 लाख से ऊपर, सेराज पुत्र इकबाल ने 23 लाख से ऊपर की बेला के ऊपर पैसा लेकर भागने की तहरीर दी है ।
बता दें कि बिलरियागंज थाना क्षेत्र के छींही गांव निवासी बेलाल ने शेयर खरीदने व बेचने के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर 4 साल के अंदर 500 करोड़ से ज्यादा रुपया लोगों का लेकर फरार हो गया है, यही नहीं इस काम में उसके पिता व भाइयों के साथ ही साथ करीबी रिश्तेदारों व दोस्तों ने अहम भूमिका निभाई है, इस मामले में बिलरियागंज थाने में पिड़ित छिछोरी गांव निवासी मोहम्मद शरीफ पुत्र हम्माद ने लाखों रुपए के धोखाधड़ी का बेलाल उसकी पत्नी, भाई, बहन, बहनोई, पिता, ससुर व रिस्तेदारो सहित 12 लोगों को नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया है, इसके अलावा बलिया जनपद के फेफना थाने में एक दरोगा की तहरीर पर बेलाल सहित पांच लोगों के खिलाफ रुपया हड़पने का मुकदमा पंजीकृत हुआ है। मुकदमा दर्ज होते ही ठगी के शिकार लोगों ने छीहीं बाजार में सरगना बेलाल के छोटे भाई को बंधक बना लिया था, लेकिन कुछ लोगों के समझाने के बाद पीड़ितों ने बेलाल के भाई को छोड़ दिया था, ठगी के शिकार हुए लोगों के मुताबिक छीहीं गांव सहित लगभग एक दर्जन से ऊपर मुस्लिम गांवों, आजमगढ़ शहर शहर, मुंबई, दिल्ली के साथ ही साथ विदेश में रहकर कमाने वाले लोगों को भी बेलाल ने नहीं छोड़ा है, ठगी के शिकार हुए लोगों की बात माने तो लोगों ने अपनी जमीनें बेचने के अलावा बैंक से लोन लेकर बेलाल को दूना रूपए करने को दिया है, इसके अलावा पीड़ितों ने अपने दोस्तों व रिश्तेदारों का भी रुपया बेलाल को दिलाने का कार्य किया है 
500 सौ करोड़ रुपए डूबने के बाद, मार्केट पर पड़ा असर
आरोपी बेलाल व उसके सहयोगियों द्वारा 500 करोड़ से ज्यादा रुपए लेकर फरार होने के बाद बिलरियागंज सहित लगभग आधा दर्जन चट्टी चौराहे के दुकानदारों पर भी इसका असर पड़ा है, इसके अलावा लोग अपनी गाढ़ी कमाई डूब जाने के बाद भुखमरी के कगार पर हैं, तो वहीं दुकानदार बिक्री घट जाने से चिंतित है, दुकानदारों की बात माने तो इधर लगभग 4 सालों से उनके दुकानों की अच्छी खासी बिक्री हो जाती थी, जिससे उनका जीवन यापन होता था, लेकिन बेलाल द्वारा रुपया लेकर भागने की खबर के भाग बाद अचानक सामानों की बिक्री काफी कम हो गई है । बता दें कि बिलरियागंज इलाके के लोग ज्यादातर मुंबई से लेकर विदेश में रहते हैं, जिससे इन लोगों के परिवार काफी खुशहाल हैं, लेकिन इधर बेलाल ने जो लोगों को सपना दिखाकर उनकी गाढ़ी कमाई का रुपया ले लिया, इसके कारण दुकानदारों कि जहां बिक्री कम होने से निराशा के भाव है, वही पीड़ित परिवार व उनके रिश्तेदारों के परिवार में भुखमरी की नौबत आ गई है
बेलाल के कारनामें से छींही गांव शर्मसार, पीड़ित अपने रिश्तेदारों व दोस्तों से मुंह छिपाकर रहने को मजबूर
आजमगढ़ जनपद का छींही ऐसा गांव है जो समाजसेवी व घोड़ों के शौकीन सलाहुद्दीन की सादगी से जाना जाता है, समाजसेवी सलाहुद्दीन को छोड़कर गांव का ऐसा कोई घर नहीं बचा है जो आरोपी बेलाल को अपना व अपने रिश्तेदारों का करोड़ों रुपया दिया है, इतना सब के बावजूद शादगी की इस कदर मिसाल है, कि आरोपी बेलाल गांव के लोगों को ठगता रहा, लेकिन गांव वालों ने अपनी व गांव की इज्जत बचाने के लिए बेलाल के ऊपर मुकदमा या मारपीट करने की जहमत नहीं उठाई, यह तो बगल के गांव छिछोरी के गांव के एक शख्स के द्वारा मुकदमा पंजीकृत कराने के बाद यह मामला खुला और लोगों को जानकारियां हुई, छींही गांव के लोग बेलाल से यही कहते थे, कि जब तुम्हारे पास रुपया हो जाए, तो हम लोगों का धीरे-धीरे वापस कर देना, लेकिन बेलाल ने जो कारनामा किया है, इससे गांव के समाजसेवी सलाहुद्दीन व्यथित हैं, सलाहुद्दीन सहित गांव के लोगों को करोड़ों डूबने का गम तो है, लेकिन इन लोगों को अपने गांव की इज्जत भी प्यारी है, और लोग यही कह रहे हैं कि जिस गांव में छोटे-मोटे झगड़े आपस में बैठकर हम लोग समझ बूझ निपटा लिया करते थे, उसी गांव में बेलाल ने ऐसा कारनामा कर दिया कि पूरा गांव अपने को शर्मसार महसूस कर रहे है।
आरोपी बेलाल का पिता भी बैंक में लाखों रुपए कर चुका गबन 
आरोपी बेलाल के पिता सिब्गतुल्लाह उर्फ सरदार आजमगढ़ जनपद के चांदपट्टी बाजार स्थित यूनियन बैंक में कैशियर के पद पर कार्य करते थे, उस दौरान उन्होंने बैंक के कैश में काफी हेरा फेरी किया था, इस बात की जानकारी जब यूनियन बैंक के अधिकारियों को हुई तो बैंक अधिकारियों ने आरोपी बेलाल के पिता सिब्गतुल्लाह उर्फ सरदार पर बैंक के रुपए गबन के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराते हुए सस्पेंड कर दिया था, गांव वालों का कहना है कि बेलाल के पिता का कारनामा तो सभी लोग जानते थे, लेकिन यह नहीं पता था कि उसका बेटा भी अपने पिता के ही पद चिन्हों पर चलते हुए इतना बड़ा घोटाला करेगा ।
फर्जी शेयर मार्केट का धंधा, शुरुआत में शब्जी, ढ़ेले वालों का करता था रुपया दूना
आजमगढ़ जनपद के छींही गांव निवासी बेलाल चंद दिनों में लोगों में अपना विश्वास नहीं जमाया था, बल्कि बेलाल ने लगभग 4 साल पहले छींही बाजार के ठेले, सब्जी वाले, परचून की दुकान और छोटे-छोटे कारोबारियों को अपने झांसी में लेते छोटी छोटी रकम को दोगुना करने का कार्य करने लगा, इस बात की चर्चा धीरे गांव से लेकर शहर तक फैल गई, और लोग बेलाल पर विश्वास करते हुए अपनी गाढ़ी कमाई का रुपया दोगुना करने के लिए देते चले गए । बेलाल लगभग 2 से 3 साल तक लोगों से रुपया लेता, और 11 माह में दोगुना रुपया दे देता था, इसके बाद बेलाल पर लोगों का इतना विश्वास बढ़ गया कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई बेलाल को देते चले गए, यही नहीं बेलाल को, अपने दोस्तों, रिश्तेदारों का भी काफी रुपया दोगुना करने के लिए दे दिया, जब यह रकम अरबों में पहुंच गई, तो बेलाल एक दिन अपने साथियों के साथ गांव छोड़कर रफूचक्कर हो गया । छींही गांव के लोग बताते हैं कि बेलाल बचपन से ही संकुचित विचार का था, लोगों से कम ही बातचीत करता था, शुरुआत के दिनों में बेलाल पहले साइकिल या मोटरसाइकिल से चलता था, लेकिन लोग बताते हैं कि इधर दो-तीन साल से बेलाल लग्जरी गाड़ियों से चलने लगा था ।
छींही गांव के दीन मुहम्मद शेख सहित 3 का हार्ट अटैक से हुई मौत
बिलाल को रुपया देने वाले पीड़ितों की बात माने तो छींही गांव के दीन मोहम्मद शेख की गुरुवार को हार्ट अटैक होने से मौत हो गई, वहीं अन्य 2 लोग भी इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उनकी भी हार्टअटैक से मौत हो चुकी है, परिवार के मुताबिक दीन मोहम्मद शेख ने अपनी जमीन बेच कर लाखों रुपया बेलाल को लाखों रुपए दूना करने के लिए दिया था, दीन मोहम्मद को जब इस बात की जानकारी हुई, कि बेलाल उसके व अन्य लोगों का रुपया लेकर फरार हो गया है, तो सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई । 
बेलाल को छींही गांव निवासी सज्जू ने दिया 4 करोड़
बेलाल को उन्हीं के गांव छींही के सज्जू ने अपना और अपने रिश्तेदारों का कुल मिलाकर 4 करोड़ रूपए दोगुना करने के लिए दिया है, जब से बेलाल लोगों का रुपया लेकर फरार हुआ है, तभी से सज्जू के रिश्तेदार सज्जू के घर पर रुपया मांगने के लिए आ रहे हैं, लेकिन मजबूर सज्जू शिवाय बेलाल को कोसने के अलावा कुछ भी करने में अपने को असमर्थ महसूस कर रहे हैं ।