फूलपुर, आजमगढ़। करबला में लुटे हुए काफिले की याद में बृहस्पति को फूलपुर तहसील क्षेत्र के कंदरी गांव स्थित मस्ज़िद से अंजुमन दस्त-ए-मेहदी की ओर से जुलेसे अमारी निकाली गई। इसमें सैकड़ो की संख्या में महिलाओ और पुरुषों ने अमारियो पर फूल माला चढ़ाकर खिराजे अकीदत पेश किया। जुलूस गांव के विभिन्न अजाखानो से होकर मरहूम सरदार हुसैन और आफताब हुसैन के कैंपस में पहुचा तो वहां अज़ादारो की भीड़ उमड़ पड़ी यहां मौलाना ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने जब कर्बला का वाक्या पेश किया तो सभी लोग रो पड़े। अन्य मौलाना शारिब अब्बास,कम्बर अली रिज़वी,नसीर आज़मी, सैफ अली आदि ने चुनिंदा स्थानों पर मजलिस को खिताब किया।नौहा मातम की कड़ी में अंजुमन दस्त-ए-मसूमिया, गुलशने इस्लाम, पैगामे हुसैनी आदि अंजुमनों ने नौहा मातम पेश कर खिराजे अकीदत पेश किया। इस दौरान अंजुमनों ने तारीखी नौहा पेश किया तो सबकी आंखे नम हो गई। जुलूस का समापन देर शाम हज़रत इमाम हुसैन के रौज़ा पर किया गया। जुलूस का आगाज़ जीशान अली ने मख्सूस अंदाज़ में नकाबत कर किया पेशख़्वानी मशहूर शायरे अहलेबैत ज़फ़र आज़मी ने किया। निज़ामत मोहम्मद मेहदी जलालपुरी ने किया। जुलूस के साथ अहरौला थाने की पुलिस के साथ एसएसओ योगेंद्र बहादुर सिंह चल रहे थे।