फूलपुर, आजमगढ़। कार्तिक पूर्णिमा पर कोतवाली क्षेत्र के पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम के पवित्र तमसा मंजुषा नदी में पूर्णिमा के अंतिम दिन बुधवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा ठंड के बावजूद आस्था भारी रही लोगों ने डुबकी लगाई। खुरासन रोड, पैसेंजर ट्रेन से श्रद्धालु उतरे अधिकतर श्रद्धालु प्राइवेट वाहन से धाम पर पहुंचे। पुलिस द्वारा मेला स्थल से एक किलो मीटर पूर्व बैरियर लगाकर वाहनों को रोकने का इतेज़ाम किया गया है। बहुतेरी महिलाएं सिर पर गठरी लेकर पैदल मंगलगीत गाती हुई दुर्वासा धाम पहुंची। दूर दराज से आई महिलाये, पुरुष और बच्चों ने भोर से लेकर देर शाम तक इसके आसपास के विभिन्न मानसरोवर और नदियों में डुबकी लगाकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना किया। श्रद्धालुओं ने पंचकोसी परिक्रमा कर अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना किया।तीन किलोमीटर के दायरे में लगे इस मेला में कई तरह के मनोरंजन के साधन जैसे आसमानी झूला, मौत का कुँआ, ब्रेक डांस, काला जादू रनिग ट्रेन लगाए गए है। मेला में हैरत अंगेज मौत का कुआं लोगो के उत्सुकता का केंद्र बना हुआ है।मीना बाजार में महिलाओ की काफी भीड़ रही। महिलाओ ने अपने ज़रूरत के सामान की खरीददारी की। श्रद्धालुओ ने स्नान ध्यान के बाद गृहथी के सामान खरीदे किसानों ने किसानी से संबंधित हसुआ, फावड़ा, हत्था, खुरपी, कुदाल आदि सामानों की खरीदारी किया। खजला की दुकाने अधिक संख्या में लगाए गए है। सड़को के किनारे लाई, गट्टा, चूरा की दुकानें लगाई गई है। मेला में फूलपुर, निज़ामाबाद, अहरौला सरायमीर की पुलिस तैनात रही।कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मेला में सिविल ड्रेस 15 टीम मनचलों चोर एवं महिलाओं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में लगी हुई है।