रिपोर्ट, आनंद गौड़ 

जीयनपुर नगर पंचायत की जमीन में बनी 7 दुकानों में दुकान कर रहे लोगों को वर्ष 2018 में मरम्मत के नाम पर खाली कराया गया, इसके बाद उन दुकानदारों को दुकान न देखकर अवैध रूप से नगर पंचायत ने दूसरे लोगों को दुकानें दे दी, और इन दुकानदारों से लगभग 5 वर्षों तक किराया भी अवैध रूप से वसूलते रहे, जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं है

सगड़ी, आजमगढ़। नगर पंचायत जीयनपुर के रामलीला मैदान से सटी 7 दुकानों पर कब्जा जमाए दुकानदारों को अधिशासी अधिकारी अमित कुमार यादव ने एक्शन लेते हुए सोमवार को बेदखल कर दिया, और इन सभी दुकानों को सील कर दिया। अधिशासी अधिकारी के इस कार्यवाही से नगर पंचायत की शह पर अवैध रूप से रह रहे कब्जा धारियों में हड़कंप मचा हुआ है, जानकारी के अनुसार दुकानों को 2002 में आवंटित किया गया था। जिनके नाम पर दुकाने एलाट की गई थी, वह 2017 तक इन दुकानों में रहकर किराया जमा करते रहे। वही चुनाव होने के बाद 2018 में मरम्मत और सफाई के नाम पर कमरों को खाली किया गया, और इन दुकानों को दूसरे लोगों को दे दिया गया। नए दुकानदारों ने न तो टाउन एरिया कार्यालय में कोई किराया जमा किया न ही किसी तरह का कोई कागजात बनवाया। अभी कुछ दिन पहले आए नए अधिशासी अधिकारी ने लगभग 5 साल के किराए के बकाए की नोटिस भेजी तो आवंटन पाए दुकानदारों ने लिखित शिकायत किया कि हम लोगों से तो दुकान 5 साल पहले ही खाली करा ली गई है। इसके बाद अधिशासी अधिकारी ने अपना तेवर दिखाते हुए सोमवार को अवैध कब्जा जमाए दुकानदारों से दुकान खाली कराया और उसे सील कर दिया। वही अधिशासी अधिकारी की इस कार्यवाही से नगर पंचायत के जिम्मेदार लोगों पर उंगली उठ रही है, और अवैध कब्जा धारियों में हड़कंप मचा हुआ है ।