लालगंज, आजमगढ़। स्थानीय तहसील क्षेत्र के कुरेहरातेजसिंह गांव निवासी विगत पांच वर्षों से राजस्व अभिलेख में जिंदा होने के लिए तड़प रही है। जिंदा न हो पाने पर विवश हो कर उर्मिला सिंह ने जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर गुहार लगाया है। कुरेहरा तेजसिंह गांव निवासी अवधेश सिंह पुत्र झारखंडे सिंह की पत्नी उर्मिला सिंह का वर्ष 1982 में निधन हो गया। जिनसे दो पुत्री बेबी व अन्नू तथा एक पुत्र सत्येन्द्र पैदा हुए थे। वर्ष 1984 में अवधेश सिंह की दूसरी शादी हुई। संयोग वश दूसरी पत्नी का भी नाम उर्मिला सिंह है। दूसरी पत्नी से दो पुत्र संजोग व अंकित तथा एक पुत्री रितु पैदा हुई है। परिवार के ही सदस्य शिवपूजन सिंह ने वर्ष 1985 में उर्मिला सिंह सहित अन्य के पक्ष में एक वसीयत लिखा था। शिवपूजन सिंह की मृत्यु के बाद उक्त वसीयत के आधार पर शिवपूजन सिंह की सम्पति उर्मिला सिंह सहित अन्य के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज हो गयी। उर्मिला सिंह का अपने पति से कुछ अनबन हो गया। हल्का लेखपाल की आख्या पर राजस्व निरीक्षक कूबा ने 27 जनवरी 17 को उर्मिला सिंह को मृतक दिखा कर दूसरी पत्नी के पुत्र सत्येन्द्र का नाम बतौर वारिस दर्ज करने का आदेश कर दिया। उक्त आदेश की जानकारी प्राप्त होते ही उर्मिला सिंह ने तहसीलदार के न्यायालय में आवेदन दे कर अपने को जीवित कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग किया। पांच वर्ष में जीवित न हो पाने से लाचार उर्मिला सिंह ने जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को रजिस्टर्ड पत्र दे कर अपने को जीवित करने तथा दोषी लोगों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की गुहार लगाया है। देखना है कि उच्चाधिकारी उर्मिला सिंह को राजस्व अभिलेख में कब तक जीवित कर पाते है।