– उप विकास आयुक्त द्वारा की गयी विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के कार्य प्रगति की समीक्षा
बेतिया। उप विकास आयुक्त्त, पश्चिम चम्पारण, अनिल कुमार ने कहा कि सीडब्लूजेसी/एमजेसी अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। इसके तहत प्राप्त मामलो का ससमय निष्पादन कराना अतिआववश्यक है। इसके निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं कोताही नहीं बरतें। किसी भी स्थिति में मामले को लंबित नहीं रखें अन्यथा संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
उन्होने कहा कि इस बात का विशेष ख्याल रखें कि सीडब्लूजेसी के मामले एमजेसी में कन्वर्ट नहीं होने पाए। सीडब्लूजेसी मामले आने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। एसओएफ तैयार करने के पूर्व संबंधित अधिकारी अच्छे तरीके से केस स्टडी कर लें तथा इसी के अनुरूप एसओएफ तैयार करायें। उप विकास आयुक्त समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित सोमवारीय बैठक में विधि-व्यवस्था सहित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों की समीक्षा के क्रम में अधिकारियों को निदेशित कर रहे थे।

लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र की समीक्षा के क्रम में उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को समर्पित किया जाना है। साथ ही एसी के विरूद्ध लंबित डीसी विपत्रों का समयोजन भी किया जाना है। यह कार्य अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। सभी संबंधित अधिकारी तत्परतापूर्वक अभिरूचि लेते हुए नवंबर माह तक शत-प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को समर्पित करेंगे तथा एसी के विरूद्ध लंबित डीसी विपत्रों का समयोजन भी करना सुनिश्चित करेंगे।
सोमवारीय बैठक में विधि-व्यवस्था, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, परवरिश योजना, उत्पाद वाद, सेवांत लाभ, पेंशन योजना, पेट्रोल पंप अधिष्ठापन, पंचायत सरकार भवन, राष्ट्रीय/बिहार मानवाधिकार आयोग, जाति आधारित जनगणना, बीपीसीबी, पीएम पोषण योजना, सात निश्चय, जल-जीवन-हरियाली आदि योजनाओं/कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। साथ ही कल्याण, आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, उत्पाद द्वारा किये जा रहे विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गयी।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि विभिन्न विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लायी जाय। लंबित मामलों का निष्पादन त्वरित गति से कराना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम एवं लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का ससमय निष्पादन कराना आवश्यक है।
उन्होंने निदेश दिया कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त मामलों का ससमय निष्पादन हेतु लोक प्राधिकारों की सुनवाई में उपस्थिति अनिवार्य है। प्रयास ऐसा करें कि ससमय सभी आवेदनों का निष्पादन हो जाय, आवेदन लंबित नहीं होने पाए। अगर किसी कारणवश निर्धारित समयावधि में जिन आवेदनों का निष्पादन नहीं हो पाया है, उसे अविलंब डिस्पोजल किया जाय।
उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम अंतर्गत परिवाद दाखिल करने की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। परिवाद फाइलिंग कराने वाले व्यक्ति को यह सेवा पूर्णतः उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय। अगर द्वारा राशि की उगाही किये जाने की सूचना प्राप्त होती है तो उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाय।
उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अंतर्गत कार्यान्वित योजनाओं से संबंधित एनओसी कार्यकारी विभाग को दो दिनों के अंदर समर्पित किया जाय। साथ ही शनिवारीय जनता दरबार से संबंधित मामलों को भू-समाधान पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाय।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता, राजीव कुमार सिंह, अनिल राय सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी एसडीएम, सभी एसडीपीओ, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी आदि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।