– तैयारियों की उप विकास आयुक्त द्वारा की गयी समीक्षा

बेतिया। जिलास्तरीय युवा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक कराने के निमित की जा रही तैयारियों की आज उप विकास आयुक्त, पश्चिम चम्पारण, अनिल कुमार द्वारा समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्य, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के निदेश के आलोक में जिला प्रशासन, पश्चिम चम्पारण द्वारा जिलास्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिले के नवोदित स्थापित तथा गुमनाम कलाकारों को मंच प्रदान कर उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि युवा उत्सव कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। अबतक की गयी तैयारी संतोषप्रद है। शेष बचे कार्यों को ससमय पूर्ण कर लिया जाय।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर लाईट, साउंड आदि व्यवस्थाओं की फंक्शनलिटी को पूर्व में ही चेक करा लिया जाय। साथ ही समुचित साफ-सफाई के अतिरिक्त प्रतिभागियों के लिए पेयजल, नाश्ता आदि की व्यवस्था कराना सुनिश्चित की जाय।
समीक्षा के क्रम में प्रभारी पदाधिकारी, जिला सामान्य शाखा, श्रीमती पूर्णिमा कुमारी द्वारा बताया गया कि प्रखंड स्तरीय युवा उत्सव कार्यक्रम 27-28 नवंबर को पूर्ण करा ली गयी है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी विधावार प्रतियोगिता कार्यक्रम सम्पन्न कराकर प्रखंड स्तर से विधावार प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्राप्त करने वाले कलाकारों की सूची उपलब्ध करा दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिलास्तर पर आयोजित युवा उत्सव कार्यक्रम स्थानीय प्रेक्षागृह में पूर्वाह्न 10 बजे से प्रारंभ होगा। इस कार्यक्रम में चयनित प्रथम स्थान प्राप्त कलाकार/दल की सहभागिता राज्यस्तर पर होने वाले युवा उत्सव में करायी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिलास्तर पर आयोजित होने वाले युवा उत्सव में प्रदर्श कला एवं चाक्षुष कला प्रतियोगिता होगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्श कला प्रतियोगिता में (1) समूह गायन (संगत कलाकार सहित 10 कलाकार) (2) समूह लोक नृत्य (संगत कलाकार सहित 20 कलाकार-नृत्य एवं गायन, वाद्य वादन पारंपरिक होंगे) (3) एकांकी नाटक (अधिकतम 12 कलाकार, भाषा-हिन्दी) (4) शास्त्रीय नृत्य (संगत कलाकार सहित 05 कलाकार-कथक, ओडिसी, भरत नाट्यम, मणिपुरी तथा कुच्चीपुड़ी) (5) शास्त्रीय गायन (संगत कलाकार सहित 03 कलाकार) (6) शास्त्रीय वादन एकल (संगत कलाकार सहित 03 कलाकार-सितार, गिटार, तबला, बांसुरी, वीणा, मृदंगम (पखावज नहीं) (7) हारमोनियम वादन-(सुगम) एकल (8) वक्तृता (हिन्दी या अंग्रेजी-एकल (9) लोक गाथा गायन (10) लोक गीत (11) सुगम संगीत (12) वायलिन वादन, सारंगी वादन, सरोद वादन, शहनाई, पखावज, धुपद-धमाड़ आदि। साथ ही चाक्षुष कला प्रतियोगिता अंतर्गत चित्रकला, हस्तशिल्प, मूर्तिकला, फोटोग्राफी आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त प्रदर्श कला प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागी अपना-अपना वाद्य यंत्र साथ लायेंगे।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग सहित नगर निगम, बेतिया के अधिकारी उपस्थित रहे।