वैशाली/हाजीपुर। वैशाली जिला अंतर्गत भू-अर्जन से संबंधित परियोजनाओं की अपने कार्यालय कक्ष में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं परियोजनाओं के निदेशक तथा कार्यपालक अभियंताओं के साथ समीक्षात्मक बैठक की गई। जिसमें जिलाधिकारी के द्वारा 30 जनवरी 2023 को वैशाली समाहरणालय परिसर, हाजीपुर में भूमि विवाद एवं भू-अर्जन समस्या निराकरण के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत एनएच 119 डी के भू-अर्जन की समीक्षा के क्रम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि इस परियोजना अंतर्गत वैशाली जिला के महुआ, राजापाकर, जंदाहा और पातेपुर अंचल के 43 मौजा के 4044 खेसरा आ रहे हैं जहां से भू अर्जन के लिए 327 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है जिसमें 226 करोड़ की राशि का वितरण रैयतों में किया गया है। इन 43 मौजों में से 42 मौजा का दखल कब्जा अधियाची विभाग को सौंपा जा चुका है परन्तु कुछ रैयतों का भुगतान अभी लम्बित है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा इन चारों अंचलों में आगामी 18 एवं 19 जनवरी को राजस्व गांव में चलंत कैंप लगाकर रैयतों से भुगतान संबंधी बकाया के लिए आवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन रैयतों का भुगतान नहीं हुआ है या किसी कारण से लंबित है,वे सभी लोग इन कैंपों में जरूरी कागज जैसे भू-लगान रसीद,भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र एवम अन्य राजस्व कागजात लेकर आएंगे ताकि भुगतान की कार्रवाई शीघ्र की जा सके। इन कैंपों के लिए आदेश निकालने के लिए जिला भू अर्जन पदाधिकारी को निदेश दिया गया। जिसमें अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी को प्रतिनियुक्त करने तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अपर अनुमंडल पदाधिकारी को इन कैंपों का अनुसरण करने के लिए प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया। जिन 43 राजस्व ग्राम से भू-अर्जन किया गया है उनमें पातेपुर के 20, जंदाहा के 13, महुआ के 06 तथा राजापाकर के 04 राजस्व ग्राम शामिल है।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि भारतमाला की दूसरी परियोजना के तहत अदलवारी से मणिकपुर तक एनएच 139 फोरलेन पथ निर्माण के लिए लालगंज और वैशाली अंचल के कुल 24 मौजों में भू अर्जन होना है। वैशाली के 15 मौजा का खेसरा सत्यापित कर एवं दर निर्धारण कर 187 करोड़ रुपये का प्राक्कलन स्वीकृति के लिए अधियाची विभाग को भेजा गया है एवं लालगंज अंचल के 9 मौजा का खेसरा सत्यापन किया जा रहा है। महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नया पुल एवं पहुंच पथ निर्माण के लिए भू-अर्जन पर दखल कब्जा अधियाची विभाग को सौंप दिया गया है और एनएचएआई के द्वारा सड़क निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। जिलाधिकारी के पूछने पर बताया गया कि कार्य में कोई परेशानी नहीं है। जिलाधिकारी के द्वारा वैशाली प्रखंड अंतर्गत निर्माणाधीन बुद्ध स्तूप के संपर्क पथ का निर्माण कार्य हर हाल में मार्च 2023 के पहले पूर्ण करा लेने का निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया गया। यह संपर्क पथ 327 मीटर की लंबाई का है।