वैशाली। सूर्य और को मकर रेखा में प्रवेश कर उत्तरायण होने का उत्सव मकर संक्रांति है। आज के दिन सूर्य मकर रेखा में प्रवेश कर जाते हैं। इसी को लेकर मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। आज के दिन से शुभ कार्य पर लगे विराम भी हट जाते हैं। बीते महीने से खरमास के कारण शुभ कार्य पर विराम लग गया था। उसमें गति भी आ जाएगी। सूर्य को उत्तरायण में होना शुभ माना गया है।
मकर संक्रांति में सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर रेखा में प्रवेश करते हैं। इस कारण दिन शुभ हो जाता है। स्वर्ग के दरवाजे खुल जाते हैं और देवत्व का दिन शुरू हो जाता है। इसी दिन देवर्षी भागीरथ ने गंगा को धरती पर अवतरण करने के लिए प्रार्थना की थी। बताया जाता है कि इसी के कारण आज के दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व और पुण्य प्राप्त होता है।
सूरज को उत्तरायण होना शुभ मानते हुए भीष्म पितामह ने भी आज ही के दिन प्राण त्यागने का निर्णय लिया था और धनु राशि से मकर राशि में सूर्य को प्रवेश करने के साथ उत्तरायण होने पर वह आज ही के दिन अपनी नश्वर शरीर को त्यागे थे। आज के दिन गंगा स्नान कर तिल दान करना शुभ माना गया है। ऐसे बहुत सारी धारणाएं हैं।