अतरौलिया, आजमगढ़। देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला प्रसिद्ध पौहारी जी के स्थान पर उमड़ पड़ा। सुबह 4 बजे भोर से ही डुबकी शुरू हो गई। माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने नदी सरोवरो में डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने पौहारी सरोवर में डुबकी लगाने के बाद विधि विधान से पूजन अर्चन कर दीपदान भी किया। कंपकंपाती ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का आस्था भारी दिखी। लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखा। घाटों के अलावा पूरे पौहारी स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया था। मौनी अमावस्या पर शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में पौहारी जी के स्थान पर लोगो ने मौन डुबकी लगाई। इस बार शनि अमावस्या होने की वजह से इस स्नान पर्व पर डुबकी विशेष फलदायी होगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मौनी अमावस्या शनिवार की सुबह 6ः16 बजे से रविवार की रात 2ः22 बजे तक रहेगी। इस बीच सर्वार्थ सिद्धि योग लग रहा है। ऐसे में पुण्य की डुबकी से मनसा, वाचा, कर्मणा तीनों तरह के पापों के शमन के योग हैं। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक सुबह 8ः33 से 9ः52 बजे के बीच स्नान-दान का सबसे उत्तम मुहूर्त है। मौनी अमावस्या पर पौहारी जी के स्थान पर सरोवर में डुबकी लगाने के लिए उमड़े जन सैलाब के बीच रात शुरू हुई बारिश ने लाखों श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी। मेला क्षेत्र में सड़कों और पटरियों पर कई जगह पानी लग गया। मेला क्षेत्र में जाने वाली सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गयी जिसमें जगह-जगह जलजमाव हो गया। इससे लोग ठंड के साथ बारिश की दोहरी मार का सामना करने के लिए मजबूर हो गए। मान्यता है कि पौहारी जी के स्थान पर स्थित सरोवर में डुबकी लगाने से समूल पापों का नाश होता है वही चर्म रोग संबंधित बीमारियां समाप्त हो जाती हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मौली अमस्या को लेकर प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की गई है।