रिपोर्ट, श्याम सिंह 

नेताजी का ऐसा मानना था कि अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने के लिए सशक्त क्रांति की आवश्यकता है

(पवई) आजमगढ़। नगर पंचायत माहुल में निश्चित सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में आयोजित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को संबोधित करते हुए भाजपा नेता संजय मोदनवाल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता संग्राम स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल हैं, जिनसे आज के दौर का युवा वर्ग प्रेरणा लेता है, देश के स्वाधीनता आंदोलन के नायकों में एक नेता जी का जीवन उनके विचार और उनकी कठोर त्याग आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है । संजय मोदनवाल ने कहा की नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म उड़ीसा बंगाल डिवीजन के कटक में हुआ था । प्रारंभिक शिक्षा के बाद नेता जी ने इंग्लैंड में सिविल सर्विस परीक्षा पास की लेकिन भारतीय संस्था संग्राम संघर्ष में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने जॉब छोड़ दिया, और देश को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद कराने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़ गए । नेताजी का ऐसा मानना था कि अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने के लिए सशक्त क्रांति की आवश्यकता है, तो वही गांधी जी अहिंसक आंदोलन के विश्वास करते थे, अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने के लिए नेताजी 21 अक्टूबर 1983 को आजाद हिंद सरकार की स्थापना करते हुए आजाद हिंद फौज का गठन किया । इसके बाद सुभाष चंद्र बोस अपनी फौज के साथ 4 जुलाई 1944 को वर्मा पहुंचे, यहां उन्होंने नारा दिया तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, नेता सुभाष चंद्र बोस 1921 से 1941 के दौरान वह पूर्ण स्वराज के लिए कई बार जेल गए । उनका मानना था कि अहिंसा के जरिए स्वतंत्रता नहीं पाई जा सकती । दूसरे विश्व युद्ध के दौरान होने सोवियत संघ, जर्मनी, जापान जैसे देशों की यात्रा की और ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सहयोग मांगा 18 अगस्त 1945 को तापेई में हुए एक विमान दुर्घटना के बाद नेताजी लापता हो गए थे । इस दौरान व्यवस्थापक संतोष मोदनवाल, प्रधानाध्यापक दशरथ गिरी, चिंटू पांडे आदि लोग उपस्थित हुए ।