लालगंज, आजमगढ़। बैनामे में बिक्रेता को दिए गए धनराशि की पुष्टि हो जाने के बाद ही बैनामे को पंजीकृत किया जाएगा। उक्त जानकारी देते हुए उपनिबंधक सुनील कुमार ने बताया कि महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश लखनऊ के आदेश के अनुपालन में अब बिक्रेता को चेक, ड्राफ्ट, आरटीजीएस के माध्यम से ही धनराशि दिया जाना है। दस्तावेज में अंतरण/भुगतान का स्पष्ट उल्लेख करना तथा पंजीकरण के समय अंतरण/भुगतान का साक्ष्य प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। बिक्रेता को दिए गए धनराशि का स्पष्ट विवरण व साक्ष्य न होने पर दस्तावेज का पंजीकरण किया जाना सम्भव नही होगा। उपनिबंधक ने बताया कि महानिरीक्षक निबंधन के आदेश के क्रम में सभी दस्तावेज लेखकों व मशविदाकर्ता को अवगत करा दिया गया है ताकि पंजीकरण के समय किसी को असुविधा न हो।