रिपोर्ट, आनंद गौड़ सगड़ी/आजमगढ़: सगड़ी तहसील क्षेत्र के मानिकपुर मसोना गांव में एम.आर.एफ सेन्टर निर्माण का विरोध कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने बल पूर्वक खदेड़ दिया, इसके बाद पुलिस की देखरेख में कार्य शुरू हुआ, बता दें कि जीयनपुर नगर पंचायत द्वारा 35 × 22 स्क्वायर वर्ग फुट में एमआरएफ सेंटर का निर्माण 33 लाख की लागत से किया जाना है, जिस पर गाटा नंबर 24 गाटा से 1.095 हेक्टेयर भूमि पर 35 × 22 स्क्वायर फुट से अधिक जमीन नगर पंचायत को एमआरएफ सेंटर के लिए आवंटित की गई है। जिस पर पूर्व से ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया था, जो नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी द्वारा जब निर्माण कार्य कराया जा रहा था, तो ग्रामीण उसमें अवरोध उत्पन्न कर रहे थे। जिस पर उपजिलाधिकारी सगड़ी राजीव रतन सिंह के निर्देश पर मंगलवार को नायब तहसीलदार माधवेंद्र सिंह एवं कोतवाल जीयनपुर यादवेंद्र पांडे के नेतृत्व में दर्जनों महिला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण किए ग्रामीणों को खदेड़ते हुए जेसीबी लगाकर खुदाई का कार्य प्रारंभ कराया। जिससे एमआरएफ सेंटर का निर्माण तेजी से कराया जा सके। जबकि पूर्व में शासन द्वारा 33 करोड़ का बजट एमआरएफ सेंटर के लिए निर्धारित किया गया है। नगर पंचायत द्वारा एमआरएफ सेंटर का निर्माण करने के लिए नियमों के तहत ग्राम सभा की भूमि आवंटित की गई पर जब भी निर्माण कराया जा रहा था तो ग्रामीण अवरोध उत्पन्न कर रहे थे। जबकि शासन से रुपया आवंटित होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा ।जिसको लेकर मंगलवार को भारी पुलिस बल के द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया  जिसके लिए जेसीबी लगाकर नीव की खुदाई कराई गई। अब निर्माण कार्य में कोई बाधा उत्पन्न ना हो जिसके लिए ग्रामीणों को भी जिन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था हिदायत दी गई है ।जबकि ग्रामीण हाई कोर्ट में मुकदमा कर रखे थे हाई कोर्ट से मुकदमा खारिज होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में गुहार लगाई पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ग्रामीणों की गुहार को ठुकरा दिया था  अब निर्माण कार्य स्थल पर अतिक्रमण हटा दिया गया है जिससे कि एमआरएफ सेंटर का निर्माण तत्काल कराया जा सके। इस दौरान माधवेंद्र सिंह ने बताया कि अतिक्रमण किए हुए ग्रामीणों यदि दुबारा अतिक्रमण करने की कोशिश की तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी ।जमीन से अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है और नगर अधिशासी अधिकारी को जमीन सुपुर्द कर दी गई है जिस पर निर्माण कार्य कराया जा सकेगा।