स्वतंत्र भारत अतरौलिया से राजेश सिंह की रिपोर्ट
(अतरौलिया) आजमगढ़ । अतरौलिया शिक्षा क्षेत्र के भरसानी स्थित प्राथमिक विद्यालय में पिछले कई दिनों से मिड डे मिल नहीं बन रहा है, जिसकी वजह से विद्यालय के बच्चे घर लौट जाते है, हालात यह है कि कुछ बच्चे दोपहर में ही खाना खाने के बहाने अपने घर चले जा रहे हैं, और पुनः विद्यालय नही जाते। इस संबंध में विद्यालय के बच्चों ने बताया कि हमें तकरीबन 10 दिनों से मिड डे मील नहीं मिल रहा है, जिसके कारण हम लोग घर खाना खाने जाते हैं। वहीं इस संबंध में विद्यालय के हेडमास्टर उमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि मिड डे मील का भुगतान न होने और राशन की उपलब्धता न होने की वजह से इधर खाना नहीं बन पा रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि वह घर नहीं रहते हैं, और हस्ताक्षर भी नहीं करते हैं, जिससे भुगतान नहीं हो पाता है, और इसी वजह से मिड डे मिल नहीं बन पा रहा है। वहीं जब इस संबंध में ग्राम प्रधान नीरज यादव से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि हेडमास्टर हस्ताक्षर के लिए हमारे पास कभी आये ही नहीं, बीते दिनों हेडमास्टर के पुत्र दो बार हस्ताक्षर करवाने आए थे, हमने हस्ताक्षर करके दिया था । जबकि स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हेडमास्टर के स्कूल आने जाने का कोई समय नहीं होता है। जब उनकी मर्जी होती है, तब स्कूल आते हैं, जब उनकी मर्जी नहीं होती है तो स्कूल नहीं आते हैं। ग्राम प्रधान के पास हेडमास्टर साहब आज तक हस्ताक्षर करवाने नहीं आए। ग्रामीणों ने तो यहां तक कह दिया कि हम अपने बच्चों को इस स्कूल में नहीं पढ़ाएंगे, क्योंकि मिड डे मील और पठन-पाठन के बारे में हेड मास्टर से पूछने पर वह मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं, रजिस्टर में बच्चों की संख्या कुछ और है, और विद्यालय में बच्चों की संख्या कुछ और है, जिसकी जानकारी हेड मास्टर के पास नहीं है। मामले की सच्चाई जो कुछ भी हो लेकिन इसमें नुकसान बच्चों का हो रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा जहां सर्व शिक्षा अभियान चलाकर विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है वहीं इस विद्यालय में लगातार बच्चों की संख्या घटती जा रही है जिसका जवाब विद्यालय के हेड मास्टर के पास नहीं है। वहीं इस संबंध में जब खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश यादव से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच एआरपी से कराई गई है, जल्द ही इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।