स्वतंत्र भारत से वरुण सिंह की रिपोर्ट 
आजमगढ़ । 16 दिसंबर से खरमास लग रहा है, सूर्य अपनी राशि बदलेगा, इसलिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।  खरमास में मुंडन, जनेऊ, विवाह आदि शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिषाचार्य कृपामणि तिवारी जी ने बताया कि 16 दिसंबर को शाम 3:58 बजे सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन से ही खरमास प्रारंभ हो जायेगा। खरमास 30 दिन तक रहेगा, इसके बाद 15 जनवरी (मकर संक्रांति) को सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन से शुभ कार्य पुनः प्रारंभ हो जाएंगे। मान्यता के अनुसार सूर्य देव जब गुरु की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो वह अपने गुरु की सेवा में लग जाते हैं, और उनका प्रभाव कम हो जाता है, इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है। खरमास के कारण गुरु का बल भी कमजोर हो जाता है, और शुभ कार्य के वक्त सूर्य और गुरु दोनों का ही शुभ स्थिति में होना जरूरी है । इस वजह से खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
खरमास में न करें ये कार्य —
– विवाह, सगाई या शादी से जुड़ा कोई भी कार्य।
– गृहारंभ /  गृह प्रवेश
– नए व्यापार की शुरुआत।
– मुंडन, जनेऊ या फिर कोई अन्य संस्कार।
यह करें कार्य —
– प्रतिदिन प्रातः उठकर सूर्य देव की पूजा करें और अर्घ्य दें।
– जप, दान आदि करने से सभी प्रकार के कष्ट समाप्त होते हैं।
– गाय, गुरु, ब्राह्मण और संन्यासियों की सेवा करनी चाहिए।
– इस महीने नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है।
– किसी पवित्र तीर्थस्थान की यात्रा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
पं० कृपामणि तिवारी  (समाजसेवी / ज्योतिषाचार्य)
निर्देशक, आदर्श ज्योतिष परामर्श केंद्र वाराणसी