(अतरौलिया) अम्बेडकर नगर व आज़मगढ़ की सीमा पर सिद्ध पीठ तपोस्थली बाबा गोविंद साहब धाम पूर्वांचल का ऐतिहासिक सुविख्यात मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि अयोध्या विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि मिथिलेश त्रिपाठी, यमुना चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधु वर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसी के साथ ही पूर्वांचल के प्रसिद्ध ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ हो गया । बता दें कि यह ऐतिहासिक मेला एक महीने तक चलता है। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष 22 दिसंबर को गोविंद दशमी पर्व के नाम से इसका आगाज होने जा रहा है । मेले में दूर-दूर से आए हुए दुकानदार अपनी दुकानों को सजा चुके हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के छोटे बड़े झूले, सर्कस, जादूगर, मौत का कुआं, लकड़ी की दुकान, लोहे की दुकान, पशु बाजार आदि मेले में लग चुकी है ।ऐतहासिक गोविंद साहब के मेले में लगभग लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुचते है और गोविंद सरोवर में डुबकी लगाकर बाबा की समाधि पर खींचड़ी व प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगते है। गोरखपुर बलिया, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, वाराणसी, जौनपुर आदि स्थानों से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। सड़कों पर श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी ट्रैक्टर पिकअप दिखाई दे रही है, जो मंदिर परिसर पहुंच कर रात्रि विश्राम करेंगे, और सुबह को पवित्र गोविंद सरोवर में स्नान कर बाबा को खिचड़ी चढ़ाएंगे। यहां आए हुए श्रद्धालु प्रसाद के रूप में लाल गन्ना, खजला, रामदाना, गृहस्थी के सामान, घरेलू वस्तुएं, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, गाय भैंस घोड़ा आदि लेकर जाते है। मेले में चारों तरफ काजल की प्रसिद्ध दुकान लगाई गई है, जो यहां आए हुए श्रद्धालु प्रसाद के रूप में घर ले जाते हैं, वही लाल गन्ने की बिक्री भी खूब हो रही है, जिसे गोविंद बाबा का प्रसाद माना जाता है । सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कंट्रोल रूम, खोया पाया कैंप व पीएससी तैनात कर दी गई है। पवित्र सरोवर में गोताखोर के साथ नौका भी तैनात की गई है, तो वही सुरक्षा के दृष्टि से चारों तरफ बैरिकेडिंग भी की गई है। एक माह तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है । सड़कों पर मेला स्थल पर