जनपद संवाददाता प्रदीप कुमार पाण्डेय।

गाजीपुर । ग्राम चौपाल (गाँव की समस्या, गाँव में समाधान) कार्यक्रम के एक वर्ष पूर्ण होने/प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दो दिवसीय मेले/प्रदर्शनी का समापन कार्यक्रम मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, द्वारा किया गया।
ग्राम चौपाल का समापन कार्यक्रम के अन्तर्गत कलेक्ट्रट सभागार गाजीपुर में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा समस्त प्रिन्ट मीडिया एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ सरकार की महत्पूर्ण योजनाओं से लाभान्वित एवं संचालित कार्यक्रम योजनान्तर्गत की विस्तृत जानकारी प्रेसवार्ता के माध्यम से दी।  प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि 1684 ग्राम चौपाल का आयोजन जनपद के विभिन्न गॉवों में किया गया, जिसमें ब्लाक स्तरीय 4217 अधिकारी/कर्मचारी व ग्राम स्तरीय कुल 15984 कर्मचारी एवं लगभग 107370 ग्रामवासी उपस्थित रहे। ग्राम चौपाल के माध्यम से  9340 आवेदन प्राप्त हुए जिसका सम्बन्धित विभागो द्वारा निस्तारण किया गया। इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 30 दिसम्बर, 2023 तक 80274 लक्ष्य के सापेक्ष 74824 आवास पूर्ण कर लाभान्वित किया गया।  मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2019 से 30 दिसम्बर, 2023 तक 9689 लक्ष्य के सापेक्ष 6545 आवास पूर्ण कर लाभान्वित किया गया।  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 75.075 किमी0 लम्बाई की सड़क का कार्य पूर्ण किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में अब तक 175 बैंक सखी, 1112 बी0सी0 सखी, 490 समूह सखी तथा 350 विद्युत सखियों द्वारा कैंडरो के माध्यम से ग्राम पंचायतों में योजना का लाभ से लाभान्वित किया गया।
प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि जनपद में मनरेगा योजनान्तर्गत विŸाीय वर्ष 2023-24 में कुल मानव दिवस का लक्ष्य 68.85 लाख के सापेक्ष 74.54 लाख मानव दिवस का सृजन कर कुल 1.83 परिवार को लाभान्वित किया गया जिसमें महिलाओं की सहभागिता 34.37 लाख जिनका कुल वर्ष में 22603.46 लाख का व्यय किया गया। मनरेगा के अन्तर्गत लक्ष्य 396 अमृत सरोवर के सापेक्ष 251 अमृत सरोवर पूर्ण है शेष कार्य प्रगति पर है तथा 181 खेल मैदान चिन्हित किये गये है जिसमें 11 कार्य पूर्ण किया गया बाकी शेष कार्य प्रगति पर है। मनरेगा के अन्तर्गत जनपद के आकुशपुर में हाई-टेक नर्सरी का निर्माण किया जा रहा है जो 70 प्रतिशत तक भौतिक प्रगति हो चुकी है। मनरेगा/राज्य विŸा/विŸा आयोग के अभिसरण से जनपद में 53 गो-आश्रय स्थल का निर्माण किया गया। 49 सस्ते गल्ले की दुकान/मॉडल शॉप/अन्पूर्णा भवन मनरेगा-कवर्जेन्स के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है इसके अतिरिक्त 1769 आंतरिक गलिया व नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है।  मनरेगा योजनान्तर्गत विगत पॉच वर्षो में 16 विकास खण्डो में लक्ष्य 32097773 के सापेक्ष प्राप्ति उपलब्धी  33850113 के अन्तर्गत कुल 866070 गरीब परिवार को रोजगार से लाभान्वित किया गया जिसमें 40.67 प्रतिशत  महिला रोजगार से लाभान्वित  है।
मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम चौपाल कार्यक्रम के अन्तर्गत बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित का एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को लाभकारी स्व-रोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सक्षम बनाकर गरीबी को कम करना है, जिसके परिणामस्वरूप गरीबों के लिए टिकाऊ और विविध आजीविका विकल्प उपलब्ध होगें। गरीबों की आजीविका में सुधार के लिए यह दूनिया की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। योजना अन्तर्गत जनपद गाजीपुर का चयन विŸाीय वर्ष 2021-22 में इंटेंसिव रूप में हुआ योजना आरंभ से अब तक जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों की अति गरीब महिलाओं का 10487 स्वयं सहायता समूहों का गठन, 270 ग्राम संगठन का गठन एवं कुल 31 संकुल स्तरीय संघ का गठन कराते हुए कुल 5221 स्वयं सहायता समूहों को स्टार्ट अप, कुल 6412 स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फंड एवं कुल 4805 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि की धनराशि दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त कुल 2932 स्वयं सहायता समूहों को सी.सी.एल. से जोड़ा जा चुका है। 11996 समूह सदस्य विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने आजीविका में वृद्धि कर रहे है। इसके अतिरिक्त जनपद में कुल 75 स्वयं सहायता समूहों द्वारा उचित दर दुकानों का कुशलतापूर्वक सचालन किया जा रहा है। 12 स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रेरणा कैंटीन का संचालन कर अपने आय में वृद्धि की गयी। इसके साथ ही समूह की महिलाओं द्वारा सामुदायिक शौचालयों में केयर-टेकर का कार्य सफलापूर्वक किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत विभिन्न आजीविका से जुडी महिलाओं में 4410 कृषि कार्य से जुड़े सदस्य, 2175 महिलाये पशुपालन का कार्य, 1260 सब्जी की खेती से जुड़ी, 1025 सिलाई, 350 ग्रोसरी, 40 फूलो की खेती से जुड़ी, 238 बकरी पालन का कार्य, 450 मुर्गी पालन, 78 दोना पŸाल, 42 आचार मुरब्बा, एवं  1568 अगरबŸाी निर्माण, वाशिंग पाउडर, मिट्टी के बर्तन, मसाला,चप्पल, मुकुट, चाय पैकिंग, साफ्ट टॉयज, घर के सजावटी सामान, गो-अग्रि (दशांग), पोला, नमकीन, पापड़ चिप्स से जुडकर महिलाओं द्वारा कार्य किया जा रहा है।  कार्यक्रम के अन्त में प्रेसवार्ता के उपरान्त अच्छे कार्य करने वाले स्वम सहायता समूह की महिलाओं एवं कर्मचारियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के समस्त स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आगे चढ बढ कर हिस्सा लेने एवं अपने को कुशल बनने हेतु अपील की।
प्रेसवार्ता में हिन्दुस्तान ब्यूरो प्रवीण राय, आज के ब्यूरो सत्येन्द्र नाथ शुक्ल, सन्मार्ग से अनिल उपाध्याय, स्वतंत्र पत्रकार शिवेन्द्र कुमार पाठक, जागरण से विनय कुमार, ज्ञानशिखा से मुकेश उपाध्याय एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया से सूर्यवीर सिंह, आलोक त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, शशिकान्त तिवारी, शिवकुमार कुशवाहा, अनिल कश्यप, प्रदीप शर्मा, विनय तिवारी, जयप्रकाश, कैलाश नाथ शर्मा के साथ परियोजना निदेशक, डी0सी0एल0आर0एम, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला विकास अधिकारी एवं जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार उपस्थित रहे।