अम्बारी (आजमगढ़ )। गया प्रसाद स्मारक राजकीय महिला महाविद्यालय अम्बारी में “फसल अवशेष प्रबंधन” विषय पर एक संगोष्ठी एवं प्रतियोगिता  का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा आजमगढ़ की ओर से किया गया । फसल अवशेष प्रबंधन पर निबन्ध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता का अयोजन किया गया । प्रतिभागी छात्राओं को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया । इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉक्टर एल सी वर्मा ने फसल अवशेष क्या है, फसल अवशेष के कितने प्रकार होते हैं, किसान फसल अवशेष को क्यों जलाते हैं, इससे क्या हानि और लाभ होता है, फसल अवशेष से कैसे जैविक खाद बनाएं आदि विषय पर चर्चा परिचर्चा करते हुए जागरूक किया । इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉक्टर एलसी वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के द्वारा न केवल प्रदूषण को कम कर सकते हैं, बल्कि हम जैविक खाद उत्पन्न करके अन्न का अधिक उत्पादन पा सकते हैं। इसी क्रम में अखिलेश कुमार यादव ने कहा कि मशीनों (स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर) के प्रयोग से कृषि लागत कम कर सकते हैं। डॉ महेंद्र प्रताप गौतम ने कहा कि फसल अवशेष से मशरूम का उत्पादन करके किसान अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नंदलाल चौरसिया ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पूसा डी कंपोजर, यूरिया आदि का प्रयोग कर सकते हैं । इस दौरान निबंध, क्विज,पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया । पोस्टर प्रतियोगिता में आकांक्षा यादव, पलक बरनवाल, कायनात खान ,क्विज प्रतियोगिता में शिवानी प्रजापति, रिशु यादव, शिवांगी यादव, निबंध प्रतियोगिता में रिशु यादव, खुशबू प्रजापति, रुचि यादव, क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल की भूमिका  अरुण प्रताप यादव , अशोक गुप्ता, डॉ प्रवीण कुमार ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ अनिल कुमार, अरविंद कुमार, रानी राय, डॉ प्रगति छात्राओं में शिवानी, शिवांगी, पूजा, नंदिनी, तनु खुशबू आदि उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन  विजय कुमार शुक्ल ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुशील त्रिपाठी ने किया।