सुल्तानपुर/गोरखपुर/अयोध्या । शुक्रवार की सुबह एसटीएफ ने सुल्तानपुर जिले में विनोद उपाध्याय को घर लिया, इसके बाद विनोद उपाध्याय ने कई राउंड फायरिंग की, एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई के दौरान विनोद उपाध्याय को गोली लगी, और वह ढ़ेर हो गया, बता दें कि गोरखपुर के मोस्ट वांटेड विनोद उपाध्याय की ऊपर एक लाख का इनाम था, लगभग 7 महीने से एसटीएफ गोरखपुर, क्राइम ब्रांच और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, विनोद उपाध्याय ने गोरखपुर की सहजनवा सीट से बसपा की टिकट पर चुनाव भी लड़ चुका था, और हार गया था, STF चीफ अमिताभ यश के मुताबिक गुरुवार की तड़के लगभग 3:30 बजे के करीब डिप्टी एसपी दीपक सिंह की टीम के साथ सुल्तानपुर में एनकाउंट के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने मृत्यु घोषित कर दिया, यही नहीं योगी सरकार के 61 वांटेड माफियाओं की लिस्ट में भी विनोद उपाध्याय शामिल था, विनोद उपाध्याय सबसे पहले नेपाल में एक बदमाश की हत्या करने के बाद चर्चा में आया था, मर गया विनोद उपाध्याय अयोध्या जिले की माया बाजार स्थित उपाध्याय का पूर्वक का रहने वाला था 41 साल की उम्र में विनोद के खिलाफ गोरखपुर सहित अन्य जनपदों में कुल अब तक 39 मुकदमे दर्ज हो गए थे, लेकिन दबदबा के कारण एक भी मुकदमें में सजा नहीं हुई थी, यही नहीं विनोद उपाध्याय पत्नी और बेटी को लेकर फरार चल रहा था ।