(मार्टिनगंज) आजमगढ़ । इलेक्ट्रो होमियो पैथी के जंमदाता डा0काउन्ट सीजर मैटी की 215 वीं जयंती बडे ही धूमधाम से इलेक्ट्रो होम्यो चिकित्सकों की उपस्थिती में मनाई गई । कार्य क्रम के मुख्य अतिथि डा0 देवी प्रसाद पुष्पजीवी नवजात शिशु एवम बाल रोग विशेषज्ञ विद्या चाइल्ड हास्पिटल शाहगंज के हाथों डा0काउन्ट सीजर मैटी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्य क्रम का शुभारंभ किया, इसके बाद मुख्य अतिथि के द्वारा केक काटा गया। बारी बारी से लोगों ने मैटी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। मुख्य अतिथि ने उपस्थित चिकित्सकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोई भी चिकित्सा पद्धति छोटी बड़ी नहीं होती है, चिकित्सक को अपनी पद्धति से मरीजों का इलाज करना चाहिए। कार्य क्रम के आयोजक प्राचार्य डा0 एस एन राय ने डा0 मैटी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मैटी जी इटली के बोलोग्ना शहर में एक जमीदार परिवार में 1809 में जन्म लिया था, उन्होंने बनस्पति जगत पर आधारित इलेक्ट्रो होम्योपैथ का आविष्कार किया इस चिकित्सा पद्धति की दवाई यां हानिरहित बिषरहित होती हैं, जिनका कोई साइड इफेक्ट नही होता है । अंत में इलेक्ट्रो होम्योपैथ की वर्तमान दशा पर प्रकाश डाला। कार्य क्रम की अध्यक्षता डा0 पी एल चौरसिया व संचालन डा0 वीर अभिमन्यु ने किया । इस अवसर पर डा0जामवंत, डा0राम हरख, डा0संदीप राय, डा0 अशफाक, डा0 मेराज अहमद, डा0 विद्या सागर, डा0 आर एस बिंद, डा0 एम के बिंद,डा0 संजय मौर्य, डा0 मुंशी लाल, डा0 चंद्र कांत चौहान, डा0 राम सुमिरन आदि चिकित्सक उपस्थित थे ।