आजमगढ़ । मा0 विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी कोर्ट) द्वारा हत्या के दो अभियुक्तों करिया सिंह उर्फ रामसमूझ सिंह उर्फ राजा सिंह पुत्र राम नरेश सिंह व फेफनी उर्फ कुशमी पत्नी मूलचन्द उर्फ गदर निवासी गण महौली थाना तरवां को दोषसिद्ध पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास एवं अभियुक्त करिया को 35 हजार व अभियुक्ता फेंकनी उर्फ कुसमी को 25 हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया है, बता दें कि दिनांक- 17.06.2002 को वादी मुकदमा सुदर्शन प्रजापति चौकीदार पुत्र राम दयाल निवासी महौली थाना तरवां ने थाने पर लिखित तहरीर दिया था कि विपक्षी 1.करिया सिंह उर्फ रामसमूझ सिंह उर्फ राजा सिंह पुत्र राम नरेश सिंह, 2. फेकनी उर्फ कुसमी पत्नी मूलचन्द उर्फ गदर निवासी गण महौली थाना तरवां आजगमढ़ द्वारा मूलचन्द को गोली मारकर शव को कुएं में फेंक दिया गया था। इसके बाद नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध थाना तरवां पर मु0अ0सं0- 86/2002 धारा 302/201/34 भादवि0 व 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट पंजीकृत किया गया था। मुकदमा उपरोक्त में अभियुक्तों के विरूद्ध आरोप पत्र मा0 न्यायालय दाखिल किया गया। और उपरोक्त मुकदमे में 11 गवाह परीक्षित हुए है। इसके बाद दोनों अभियुक्तों के ऊपर कोर्ट ने सजा सुनाई ‌।
एनडीपीएस एक्ट के आरोपी अभियुक्त को 01 वर्ष 03 माह की कठोर कारावास की सजा एवं 05 हजार रूपये का जुर्माना
आजमगढ़ । मा0 न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0- 03 द्वारा थाना गम्भीरपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-136/2009 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट  से सम्बन्धित अभियुक्त मंगल राम पुत्र रामजीत निवासी सिघड़ा थाना गम्भीरपुर आजमगढ़ को दोषसिद्ध पाते हुए अभियुक्त को 01 वर्ष 03 माह के कठोर कारावास एवं 05 हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया।