● 16 लाख से अधिक बच्चों, किशोर-किशोरियों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़े निकालने की दवा
● जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई अंतर विभागीय समन्वय बैठक
बलिया, जिले में 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इसी क्रम में गुरुवार को जनपद स्तरीय अंतर-विभागीय समन्वय बैठक का आयोजन जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि संबंधित विभाग राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। साथ ही दिवस पर एक वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को पेट के कीड़े (कृमि) निकालने की दवा खिलाना सुनिश्चित करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय पति द्विवेदी ने बताया कि एक वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों- किशोर-किशोरियों की आंत में कृमि संक्रमण का खतरा रहता है। कृमि मनुष्य की आंत में रहते हैं और जीवित रहने के लिए मानव शरीर से जरूरी पोषक तत्व खाते रहते हैं। यह कृमि संक्रमण अस्वच्छता के कारण फैलते हैं। संक्रमित मिट्टी के संपर्क में आने पर कृमि संक्रमण संचारित होता है। कृमि को पेट से निकालने के लिए दवा अवश्य खानी चाहिए। उन्होंने बताया कि कृमि पोषण उत्तकों से भोजन लेते हैं जैसे रक्त, जिससे खून की कमी हो जाती है। कृमि के कारण कुपोषण का खतरा और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व नोडल अधिकारी डॉ.अशोक कुमार ने बताया कि जनपद में 16 लाख से अधिक बच्चों को कृमि नियंत्रण के लिए एल्बेण्डाज़ोल की गोली खिलाई जायेगी। 10 फरवरी को स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक से 19 साल के सभी बच्चों- किशोर-किशोरियों को कृमि नियंत्रण की दवा खिलाई जायेगी। सभी स्कूलों में सभी नामांकित बच्चों को टीचर की देखरेख में दवा खिलाई जायेगी। आंगनबाड़ी केन्द्र में एक से पांच साल के सभी पंजीकृत एवं गैर-पंजीकृत बच्चों और छह से 19 साल तक के स्कूल न जाने वाले सभी बालक/ बालिकाएं एवं ईट भट्ठा इत्यादि पर कार्य करने वाले श्रमिकों एवं घुमंतू परिवारों के बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के जरिये कृमि नियंत्रण की दवा खिलाई जायेगी।गैर-पंजीकृत तथा स्कूल न जाने वाले बच्चों को आशा कार्यकर्ता नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र पर दवा खिलाएंगी। जो बच्चे बीमार हैं या कोई अन्य दवा ले रहें हैं, उन्हें एल्बेण्डाज़ोल नहीं खिलाई जायेगी। नोडल अधिकारी ने बताया कि छूटे हुए बच्चों एवं जो बच्चे किसी कारणवश दवा खाने से वंचित रह जायेंगे, उन्हें मॉप अप दिवस (15 फरवरी को) पर दवा खिलायी जायेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी ब्लॉक के अधीक्षक /प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बाल विकास परियोजना अधिकारी, कार्यवाहक जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।