जनपद संवाददाता प्रदीप कुमार पाण्डेय।

गाजीपुर। बसंत पंचमी पर्व पर विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की प्रतिमा जनपद के कई क्षेत्र में स्थापित होने से वातावरण भक्ति में हो गया है।पूजा पंडालों में स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पट खोला गया। इसके पश्चात पूजा अर्चन एवं मां के जयकारों के बीच युवाओं एवं बच्चों ने पूरे भक्ति ,विभिन्न वाद्य यंत्र पर जमकर थिरकते दिखे। जगह-जगह ध्वनि विस्तारक यंत्रों और डीजे पर भक्ति गीतों से पूरे क्षेत्र का माहौल देवी मय हो गया ।आज ही के दिन ग्रामीण क्षेत्रों में नेवान की परंपरा भी है ।इस दिन किसान अपने कुल खानदान के साथ सामूहिक रूप से खेतों में जाकर मटर एवं जौ तथा आम के मोर की फसल अपने-अपने घर लाकर उसे भून कर गुण एवं घी में मिलाकर धरती आकाश एवं मां अन्नपूर्णा को अर्पित कर नया अन्न ग्रहण करते हैं ।इसके साथ ही एक दूसरे के घर जाकर अपने बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आज ही के दिन ताल ठोकने की परंपरा है। आज ही के दिन ढोलक पर ताल ठोककर होली गीत की शुरुआत भी होती है। खेतों में सरसों के पीले फूल बसंत के आगमन का स्वागत करते हैं।