आजमगढ़ शहर स्थित जज्जी के मैदान के पास जिला युवा केंद्र (व्यायाम शाला) का शिलान्यास 35 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री रहे नारायण तिवारी ने किया था, आज 35 साल बाद यह जिला युवा केंद्र सरकारी उपेक्षा का शिकार है । इसके लिए कई बार खेल प्रेमियों ने सरकार से जिला युवा केंद्र यानी (व्यायाम शाला) की तरफ ध्यान खींचने का प्रयास किया, ताकि इस व्यायाम शाला की मरम्मत हो जाए, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते यह व्यायाम शाला अपने आप पर आंसू बहाने के लिए मजबूर है । इस व्यायाम शाला में लगे दरवाजे खिड़की जहां गायब हैं, वहीं व्यायाम शाला के ऊपर की छत पर लगे टीन सेड तक गायब हो चुके हैं । इस जिला युवा केंद्र के अंदर पेड़, पौधे, बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग चुकी हैं, जिसके कारण लोग इस व्यायाम शाला में वर्जिस करने नहीं आ पा रहे हैं । लोगों का कहना है कि अगर इसकी मरम्मत हो जाती, तो शहर के खिलाड़ी, युवा व अन्य लोग आकर के इस व्यायाम शाला में वर्जिस करते, लोगों का कहना है, कि इसके अलावा दूर-दूर तक व्यायाम शाला ना होने के कारण हम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है । बता दें कि 22 जून 1989 को उस समय के मुख्यमंत्री रहे नारायण तिवारी, राज्य मंत्री व युवा कल्याण जगदंबिका पाल व उपाध्यक्ष राज्य युवा कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश के शंभू नाथ सिंह की उपस्थिति में जिला युवा केंद्र का शिलानाथ हुआ था । इसके बाद यह व्यायाम शाला बनकर तैयार हुई, और शहर और उसके आसपास के लोग इस व्यायाम शाला में सुबह-सुबह व्यायाम, कसरत आकर करते थे, जिससे उनके शरीर चुस्त दुरुस्त रहता था, लेकिन यह व्यायाम शाला धीरे-धीरे सरकारी उपेक्षा का शिकार हो गया । और आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है । लोगों का कहना है कि इस व्यायाम शाला पर थोड़ा सा भी सरकार की नजरें इनायत हो जाए, तो यह व्यायाम शाला ठीक हो जाएगी, और लोग आकर अपने शरीर को चुस्त दुरुस्त करने का कार्य करने लगेंगे । बरहाल देखना है कि सरकार की नजरें कब इस व्यायाम शाला पर पड़ती है ।