लखनऊ । एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने उत्तर प्रदेश में चिह्नित लगभग 13 हजार मदरसों को बंद कराने की सिफारिश की है, विदेशी फंडिंग के स्रोत आतंकी संगठनों से जुड़े होने की प्रबल संभावना को देखते हुए इस मामले पर प्रवर्तन निदेशालय की भी नजर है, प्रदेश सरकार के आदेश पर गठित इस तीन सदस्यीय कमेटी में निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण को भी शामिल किया गया था, एसआईटी की जांच में पता चला कि लगभग 13 हजार मदरसे बिना मान्यता के संचालित हैं, मान्यता न होने से वे किसी सरकारी विभाग की निगरानी में भी नहीं हैं, और न ही वे कोई निर्धारित मानक पूरे करते हैं, एसआईटी ने जांच में पाया कि मदरसों ने चंदे से संचालन की बात तो कही, लेकिन चंदे का कोई हिसाब नहीं दे पाए, रकम न ही उनके बैंक खातों में मिली, और न ही लाखों-करोड़ों का निर्माण आखिर कैसे कराया गया, यह भी नहीं पता चल सका है, सूत्रों के मुताबिक गृह विभाग जल्द ही आयकर व ईडी के जरिये जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मूड में है