(अतरौलिया) आजमगढ़ । अतरौलिया स्थित द्वापर युग का कैलेश्वर धाम मंदिर काफी पुराना मंदिर है, जहां भगवान शिव की आराधना के लिए व जलाभिषेक चढ़ाने के लिए महा शिवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार की सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही, हर हर महादेव के जयघोष के साथ लोग हाथों में बेलपत्र व जल लेकर भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए काफी लालायित रहे । जिसमे महिलाओं और लड़कियों की संख्या सबसे अधिक रही, वही आसपास व नगर पंचायत के लोगों द्वारा सुबह 5 बजे से ही कैलेश्वर धाम मंदिर परिसर में काफी भीड़ इकट्ठा हुई, जिसमें हर किसी को भगवान शिव को जलाभिषेक करने की जल्दी दिखी।  प्रशासनिक तौर पर पुलिस के जवानों की ड्यूटी भी सुनिश्चित की गई थी, जिसमें सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में महिला कांस्टेबल भी लगाई गई थी, पूरे मंदिर परिसर में चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी । कहीं भी किसी को श्रद्धालु को असुविधा ना हो तथा लड़कियों और महिलाओं को कोई असुविधा ना हो इसके लिए महिला आरक्षीओं की भी ड्यूटी लगाई गई थी। पूरा कैलेश्वर धाम मंदिर हर-हर महादेव के नारों से गुंजायमान था, मंदिर में उद्घोष के साथ घंटे बजते रहे। इसी क्रम में क्षेत्र में और भी शिवालयों में भारी भीड़ देखने को मिली, सबके हाथों में बेल पत्र व चढ़ाने के लिए जल,भांग, धतूर मौजूद थे। भीड़ की अधिकता होने के कारण लोग अपने अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। समस्त मंदिर परिसर में कहीं भी कोई असुविधा ना हो इसके लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। मंदिर के पुजारी दिलीप दास जी महाराज ने बताया कि कैलेश्वर धाम मंदिर काफी पुराना मंदिर है, यहां आज भी गुरु शिष्य परंपरा चली आ रही है । मंदिर परिसर में विशालकाय बरगद का वृक्ष है, वही बगल ही स्वयंभू शिवलिंग है, जो स्वयं धरती से निकला है । जिस पर पावन शिवरात्रि के अवसर पर आज सुबह से ही लोग जलाभिषेक करते हैं। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां जो भी मन्नत मांगी जाती है वह जरूर पूरी होती है, यहां का वातावरण भी काफी शुद्ध है, और लोग यहां आकर अपने आप को काफी संतुष्ट महसूस करते हैं। मंदिर परिसर में श्रावण मास तथा शिवरात्रि पर मेले का भी आयोजन किया जाता है जिसमें दूर-दूर से लोग आते हैं।